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खीमाराम मेवाडा
तखतगढ़ में कियोस्क विवाद पर अब छिडी सियासी जंग,कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी; भाजपा ने गरीबों के हितों का उठाए सवाल
तखतगढ 15 जुलाई (खीमाराम मेवाडा) तखतगढ़ नगरपालिका के सामने वर्ष 2001 में मुख्यमंत्री रोजगार योजना के अंतर्गत संचालित कियोस्क हटाने के मामले को लेकर अब राजनीतिक जंग शुरू छिड़ने लगा है। नगर की समस्याओं को लेकर बुधवार को कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अधिशासी अधिकारी महेंद्र बंजारा से मुलाकात कर सफाई व्यवस्था, रोड लाइट, सार्वजनिक शौचालय और कियोस्क विवाद सहित विभिन्न मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की। निंबाड़ा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2001 में आवंटित कियोस्क की अवधि समाप्त हो चुकी है। लेकिन कुछ इक्का दुक्का भाजपा नेताओं के कारण सड़क व नाला निर्माण कार्य बाधित हो रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमानुसार कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस नगर पालिका के बाहर धरना-प्रदर्शन करेगी। वही दूसरी तरफ भाजपा नेता एवं पूर्व उपाध्यक्ष मनोज नामा ने कांग्रेस पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है। कि एक ओर कांग्रेस कियोस्क हटाने की मांग कर गरीब परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा कर रही है। साथ हीं उनके ही नेताओ द्वारा इसी सिंचाई विभाग के सहारे पूर्व मे भी अनुज्ञा पत्रों पर दुकाने खरीदपखोर करने के बाद न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद बोर्ड बैठक में अनुज्ञा पत्रों को खारिज करने के बाद अभी भी न्यायालय के स्थगन आदेश का हवाला देकर नाला निर्माण कार्य भी रुकवाना चाहती है। उन्होंने दुकानों के पीछे से नाला निकालकर सामने फुटपाथ विकसित करने का सुझाव दिया। अब इस विवाद में प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।
12.34 करोड़ की सड़क व सौंदर्यीकरण परियोजना पर कियोस्क बाधा बन विकास कार्य प्रभावित
कई नगरवासीयो का कहना है। की मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अंतर्गत कस्बे के मुख्य जालोर चौराहा से बालिका विद्यालय तक सड़क निर्माण, बरसाती पानी निकासी नाला एवं सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 12 करोड़ 34 लाख रुपये की महत्वपूर्ण राशि स्वीकृत की गई थी। डेढ वर्श पूर्व कैबिनेट मंत्री कुमावत द्वारा योजना का विधिवत शिलान्यास किया गया था तथा वर्तमान में निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिस मे प्रथम चरण में पी.एल. मिस्त्री चौराहे से पशु चिकित्सालय तक बरसाती नाला निर्माण का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है।
इस दौरान बिजलीघर के बाहर स्थित SJSRY योजना के अंतर्गत आवंटित कियोस्कों को नगरपालिका द्वारा हटवाया गया। कियोस्क धारकों ने नगर के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए स्वेच्छा से अपने कियोस्क खाली कर दिए, जिसके बाद संबंधित संवेदक ने उन्हें हटाकर नाला निर्माण का कार्य बिना किसी बाधा के पूरा कर दिया। लेकिन अब द्वितीय चरण में पंचमुखी हनुमान मंदिर से सहकारी समिति तक बरसाती नाला निर्माण का कार्य प्रस्तावित है। संवेदक द्वारा सिंचाई विभाग कॉलोनी तक कार्य तेज गति से किया गया, लेकिन कॉलोनी के आगे स्थित लगभग 25 वर्ष पुराने SJSRY योजना के अंतर्गत वर्ष 1998 से 2003 के बीच आवंटित कियोस्क निर्माण कार्य में बड़ी बाधा बन चूके है।
जबकी इन कियोस्कों का मूल आवंटन 10 वर्ष की लीज अवधि के लिए मुख्यमंत्री शहरी बेरोजगार योजना के तहत किया गया था। वर्तमान में अधिकांश कियोस्क मूल आवंटियों के बजाय अन्य व्यक्तियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। कई कियोस्कों के सबलेट होने तथा मूल आवंटियों द्वारा बेचे जाने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। जिस के कारण प्रस्तावित बरसाती नाला, फुटपाथ, सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। यदि समय रहते इन्हें नहीं हटाया गया तो राइट ऑफ वे उपलब्ध नहीं हो पाएगा, जिससे करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना की गति प्रभावित होने के साथ-साथ परियोजना के उद्देश्य भी अधूरे रह सकते हैं। नगरवासीयो का यह भी कहना है।
कि तखतगढ़ के दीर्घकालीन विकास एवं मुख्यमंत्री बजट घोषणा की इस महत्वपूर्ण योजना को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर करना चाहिए।
इनका कहना है।
वर्तमान मे राजस्थान सरकार द्वारा डीपीआर के हिसाब से सौंदर्यकरण को लेकर सड़क चौड़ाइकरण और नाला निर्माण किया जा रहा है। जहां जहां प्रथम साइड पर बने कई कियोस्क संचालको ने अपनी स्वेच्छा से खाली कर हटा दिए थे। लेकिन नगर पालिका के सामने कुछ इक्का दुक्का भाजपा नेताओ के दबाव से बचाया जा रहा है। और इनका समय भी पुरा हो चूका है। और डीपीआर बदलकर अब घुमाकर नाला पीछे से निकाल रहे है। अगर समय रहते डीपीआर के अनुसार नाला निर्माण के लिए कियोस्क नही हटाए तो मजबूरन
शिशुपाल सिंह निंबाड़ा- कांग्रेस जिला अध्यक्ष-पाली
क्या कहते है भाजपा नेता
यहा जो व्यवसाय करते है वह गरीब परिवार के व्यक्ति है उनका व्यवसाय खण्डित करना यह मानवता को शोभा नही देता। रही बात नाले की तो नाले के लिए वहां पर्याप्त जगह भी है उसके लिए विभागीय सहायक अभियंता से चर्चा की गई है। यहां गरीब परिवार के लोग छोटी-छोटी दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। इस स्थिति में इनको वहा से डिस्मेंटल कर हटाना यह मानवता नहीं कहलाती। जहां बीजेपी कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है इसका परिवार पलता है उसी पर बात होनी चाहिए।
मनोज नामा – निवर्तमान उपाध्यक्ष एव भाजपा नेता तखतगढ
समाजसेवी की भी सुनो
यह तो राजनिति हो रही है। लेकिन जब 2001 में कियोस्क आवंटित हुए थे उन्होंने तो कई सालों पहले ही नियम के विरुद्ध बेचान कर दी थी। अब नए जो भी बैठे हैं और उन्होंने खरीदी हुई है या किराए पर है। तो क्या इस तरह नगर पालिका जमीन बेच सकती है। अब वहा दिन भर भीड़ बढ़ रहती है। और निजी बस संचालको ने भी कब्जा कर रखा है। जब छोटी दुकानो की समया अवधि 10 साल के लिए थी। उसके बाद भी नियम विरुद्ध उन्होने आगे बेच दी तो नगरपालिका को कानूनी प्रक्रिया से हटना चाहिए
कमलेश रावल- समाजसेवी तखतगढ़,


