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कियोस्क हटेगे या रहेगे पर अभी भी संयम बरकरार,सार्वजनिक निर्माण विभाग अधिकारीयो एवं जनप्रतिनिधियो ने किया निरीक्षण
जनप्रतिनिधियो ने कियोस्क के पीछे नाला निर्माण की रखी माग
अधिकारी बोले उच्च अधिकारीयो के आदेशानुसार कार्य होगा
तखतगढ 13 जुलाई (खीमाराम मेवाडा) तखतगढ नगरपारिका क्षेत्र में राजस्थान सरकार द्वारा बेरोजगार को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2001 में मुख्यमंत्री रोजगार योजना अन्तर्गत सिचाई विभाग डाक बंगाल के सहारे, महाराणा प्रताप चौक एव नेहरू रोड, मैन रोड बिजली विभाग के सहारे तक 10 वर्ष के लिए लीज पर कियोस्क आवंटन किए थे। जहा आजतक आवेदक द्वारा आगे से आगे कियोस्क को बेचान एव किराए पर देकर चांदी लूटते रहे। और वर्तमान में कई पार्टीयो द्वारा कियोस्क में करीथन 25 वर्षों से अपनी रोजी रोजी के लिए छोटी छोटी दुकान चला कर परिव्हर का पालन-पोषण कर रहे है।
जबकी उनकी समया अवधि सयात होने के उपरांत भी बिना किसी अडचन कियोस्क मे दुकाने संचालित हो रही हैं। लेकिन अब नगरपालिका क्षेत्र के मुख्य चौराहे से तालाब तक सौंदर्य करण को लेकर दोनो साइड नाला निर्माण कार्य प्रगति पर होने से नगर पालिका प्रशासन द्वारा कार्यालय के सामने संचालित 40 कियोस्क को हटाने के लिए बिना किसी लिखित नोटिस दिए मौखिक सुचना देकर बिजली कनेक्शन कटवाकर कियोस्क खाली करने की चेतावनी के बाद एक महिने से सभी कियोस्क संचालको द्वारा केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत तक शिकायत के बाद नगर पालिका प्रशासन से गुहार लगाते जा रहे है।
लेकिन अभी भी मामले मे संयम बना हुआ है। कि कियोस्क हटेगे या फिर ध्वस्त हो जाएगे। जिस को लेकर सोमवार शाम को सार्वजनिक निर्माण विभाग खंड बाली के सहायक अभियंता तन सिंह एवं कनिष्ठ अभियान एव संवेदक के साथ नगर पालिका के की वर्तमान क्या ललित रांकावत, उपाध्यक्ष मनोज नामा सहित कई जनप्रतिनिधियों के साथ कियोस्क का मौके पर पहुंच निरिक्षण किया। जहा सलाह मशविरा के बाद जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रथम दृश्या निर्माणाधीन नाले को कियोस्क कै पीछे होकर निर्माण करने एव कियोस्क के आगे से फुटपात निर्माण करने की बात रखी गई। जिस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता तन सिंह ने बताया कि कियोस्क की हालत काफी नाजुक है। ऐसे मे हमारी कोई जिम्मेदारी नही रहेगी। और कियोस्क के आगे भी फुटपात पर भी किसी प्रकार का अतिक्रमण नही होने देगे। फिर भी एक बार उच्च अधिकारीयो के साथ एक बार बैठक मे चर्चा करेगे फिर उच्च अधिकारीयो द्वारा जो भी निर्णय अनुसार आदेश मिलने के बाद ही आगे कुछ बता पाऐगे।


