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खीमाराम मेवाडा
तखतगढ-निकाय चुनाव के कई वार्डों कांटे की टक्कर तो कई वार्डों में त्रिकोणीय रोचक मुकाबला,24 में से 3 सबसे हॉट सीटों पर पूरे शहरवासियों की नजर
24 में से 3 सबसे हॉट सीटों पर पूरे शहरवासियों की नजर
तखतगढ 6 सितम्बर (खीमाराम मेवाडा) 11 सितम्बर को दुसरे चरण मे होने जा रहे तखतगढ नगर पालिका के 25 वार्डो के आम चुनाव 2026 मे इस बार वार्ड 22 के भाजपा प्रत्याशी ने अपने सामने निर्दलीय पत्नी को चैयरमेन बनाने की चाहत मे निर्विरोध जीताने के लिए अपनी पार्टी से बगावत पर उतरकर पार्टी का टिकट वापस खींचने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी पाली जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी ने शनिवार को पत्र जारी कर राजेश कुमावत को निकाय चुनाव 2026 में अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। सुनील भंडारी ने निष्कासन पत्र की एक प्रति मदन राठौड़ प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी कार्यालय जयपुर को भी भेजी है। पत्र में लिखा है कि भाजपा ने तखतगढ़ नगर पालिका में वार्ड संख्या 22 से राजेश कुमावत को पार्टी का उम्मीदवार बनाया था। संगठन की अनुमति के बिना उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। इसे पार्टी अनुशासनहीनता माना गया। प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार उन्हें 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया। राजेश कुमावत ने कहां की 14 सितंबर को फिर पार्टी जॉइन करवाएगी। लेकिन इस बगावत पर कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा प्रदेश नेतृत्व इस पर जरूर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। अब नगर पालिका के 24 वार्डो मे 23 कांग्रेस, 24 भाजपा व 40 निर्दलीय कुल 87 प्रत्याशीयो का मैदान में त्रिकोणीय जंग में रोचक मुकाबला शुरू हो गया है। वार्ड 22 मे निर्दलीय शिल्पा निर्विरोध होने बाद भी 24 वार्डो मे 40 निर्दलीयो ने भाजपा कांग्रेस के लिए जी का जंजाल बन कर मैदान मे डटे हुए है। तखतगढ की 24 में से 3 सीट सबसे हॉट बन चूकी है। अब उन सीटों पर पूरे शहर वासियों की नजर टिकी हुई है। लोग हर पल उन पर टीका- टिप्पणी करते ही नजर आ रहे। तो कई सीटो कांटे टक्कर मे निर्दलीय जातीय समीकरण बिगाड़ते नजर आ रहे है।
इन हॉट सीटो हो रहा रोचक मुकाबला
तखतगढ नगर पालिका के वार्ड नंबर 3 मे भाजपा मंडल के पूर्व कोषाध्यक्ष एवं लगातार दो बार महामंत्री रहे दिनेश कुमावत जो की प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री के गरीबी माने जाने वाले भाजपा के गद्दावर नेता माने जाते हैं। उनको इस बार भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार टिकट देकर प्रत्याशी बनाकर मैदान उतारा लेकिन उनके सामने- नगर मे भामाशाह के रूप मे पहचान बनाने वाले भरत कुमार सोनी जिन्होने हाल ही मे भाजपा पार्टी ज्वाइन करने पर भाजपा से टिकट की दावेदारी पेश की थो। टिकट नही मिलने पर सोनी ने निर्दलीय ताल ठोक कर मैदान मे उतरने से भाजपा प्रत्याशी के लिए मुसीबत खडी कर रखी है। इन दोनो के बीच रोचक मुकाबला होने निर्दलीय मात दे सकता है। वार्ड 8 मे कांग्रेस एव निर्दलीय दो प्रत्याशीयो के विरुद्ध शिकायत के बाद दोनो आवेदन ही खारिज हो गए। जहा भाजपा मंडल के दो बार अध्यक्ष एव जिला प्रतिनिधि रहे गणपत सोमपुरा की पत्नि गीता सोमपुरा को भाजपा की प्रत्याशी बनाया। अब उनके सामने मैदान मे रही लक्ष्मी सुथार ने निर्दलीय ताल ठोककर तीन दिन अज्ञात वास मे रहे। भाजपाइयो ने निर्दलीय लक्ष्मी को बिठाकर गीता को निर्विरोध घोषित करने का खेला भी मार खा गया। और अब इस मे भाजपा के गढ मे निर्दलीय ने जान फूंक दी जो भाजपा के लोगो का ही कही न कही अंदरूनी भीतरघात का खेल चल रहा है।
काका-भतीजे की लडाई मे कांग्रेस को मिल सकता फायदा
वार्ड 14 मे भी यही हाल हे कि वर्ष 2015 मे नगर पालिका अध्यक्ष रही रंजना घांची के पति रमेश घांची को ही इस बार भाजपा ने टिकट देकर प्रत्याशी बनाया। उनके सामने कांग्रेस के हंसाराम देवासी मैदान मे लेकिन दोनो के बीच निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे छगनलाल घांची ने ताल ठोक भाजपा से रमेश घांची की धडकने बढा दी है। वैसे परिवार मे दोनो काका-भतीज भी है।इन दोनो के जातीय समीकरण की लडाई मे कांग्रेस को बडा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
यहा भी हे कांटे की टक्कर मे कांग्रेस को बढत के संकेत
वार्ड 19 मे भी देखा जाए तो भाजपा ने पूर्व पार्षद रहे लक्ष्मण घांची को ही पुन: भाजपा से प्रत्याशी बनाया है। उसके सामने निवर्तमान प्रतिपक्ष नेता और प्रदेश कांग्रेस के कमेटी के सचिव अनराज मेवाडा को कांग्रेस पार्टी ने मैदान मे उतारा है। लेकिन दोनो के बीच निर्दलीय के रूप मे रामाराम घांची ने मैदान मे रहकर त्रिकोणीय जंग समीकरण बिगाड ने के चक्कर मे कांग्रेस के अनराज का पलडा भारी पड सकता है। कुल मिलाकर इस बार सबसे ज्यादा भाजपा मे ही टिकट नही मिल ने कार्यकर्ताओ की नाराजगी भाजपा के लिए मुसीबत बडी हो गई है। और भाजपा के ही कार्यकर्ताओ मे अंदरूनी जहर घोल कर भीतरघात का खेल खेला जा रहा है। और भाजपा के ही निर्दलीय प्रत्याशी बनाकर भाजपा को ही रास्ते से हटा ने के लिए निर्दलीयो के समर्थन मे उतर गए है। अब देखना यह है की 14 सितम्बर को उंट किस करवट बैठता है। वह तो आने वाला समय ही बताएगा।


