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वाइब्रेंट स्कूल के टॉपर और नीट में चयनित विद्यार्थी शिवराज चौधरी ने किया अपने जूनियर को मोटिवेट
सुमेरपूर-शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सफलता की नई ऊँचाइयों को छूता वाइब्रेंट स्कूल एक बार फिर चर्चा में है। इस बार कारण है—स्कूल के होनहार विद्यार्थी शिवराज चौधरी। वाइब्रेंट स्कूल के 2025 बैच के टॉपर और नीट परीक्षा में शानदार रैंक प्राप्त कर चयनित हुए शिवराज ने हाल ही में अपने जूनियर्स के साथ एक विशेष मोटिवेशनल सेशन में भाग लिया और उन्हें मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का पाठ पढ़ाया।
इस प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन स्कूल के सभागार में किया गया था, जिसमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और अभिभावकों की भी उपस्थिति रही। शिवराज चौधरी ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि वह एक सामान्य ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन दृढ़ निश्चय और सही मार्गदर्शन की बदौलत उन्होंने नीट जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
उन्होंने वाइब्रेंट स्कूल में 11वीं और 12वीं की पढ़ाई विज्ञान संकाय से की और यहीं से उन्हें नीट की तैयारी के लिए प्रेरणा और समर्थन मिला।
शिवराज ने बताया, “मैंने शुरुआत में भी यह नहीं सोचा था कि मैं एम्स में प्रवेश ले पाऊंगा। लेकिन मेरे स्कूल के शिक्षकों ने मुझे हमेशा यह विश्वास दिलाया कि अगर लगन सच्ची हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।”
कार्यक्रम के दौरान शिवराज ने छात्रों से सीधा संवाद किया और उन्हें परीक्षा के तनाव से कैसे निपटा जाए, पढ़ाई को रुचिकर कैसे बनाया जाए, और सफलता की ओर कैसे बढ़ा जाए, इस पर विस्तार से बात की।
मुख्य बिंदु जो शिवराज ने साझा किए:
सपना देखो, लेकिन साथ में योजना बनाओ
“सिर्फ सपना देखना काफी नहीं है। आपको उसकी पूर्ति के लिए एक रणनीति बनानी होगी। टाइम टेबल बनाना, विषयवार लक्ष्य तय करना और नियमित रिवीजन करना बहुत ज़रूरी है।”
स्मार्ट स्टडी बनाम हार्ड स्टडी
“24 घंटे पढ़ना ज़रूरी नहीं, बल्कि 6 घंटे पूरी एकाग्रता से पढ़ना ज्यादा असरदार है। समझकर पढ़ना और कंसेप्ट क्लियर करना सबसे महत्वपूर्ण है।”
मॉक टेस्ट और एनालिसिस के बारे में बताया की
“मैंने हर हफ्ते कम से कम दो मॉक टेस्ट दिए और उनकी गहराई से समीक्षा की। यही मेरी कमज़ोरी पहचानने और सुधारने में मददगार रहा।”
मानसिक स्वास्थ्य और प्रेरणा
“मन को शांत रखना बहुत ज़रूरी है। तनाव में आने से गलतियाँ होती हैं। मैंने ध्यान और हल्की फुल्की एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल किया।”
कार्यक्रम में संस्थान निदेशक डॉक्टर नारायण विश्नोई ने छात्र की रणनीति के बारे में बताया कि इसने संघर्ष कर सफलता अर्जित की। संस्थान अध्यक्ष महावीर सिंह सिसोदिया ने बताया कि संस्थान ऐसे छात्रों का मनोबल बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर रहता है।





