सिरोही-ट्रेलर-बाइक की भिड़ंत, 3 की मौतः दो दिन बाद होने वाली थी शादी, खरीददारी करने चचेरे भाई और मामा के साथ निकला था युवक
PALI SIROHI ONLINE
रेवदर, सिरोही-गुजरात-सिरोही नेशनल हाईवे पर ट्रेलर ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई। मरने वालों में एक युवक की दो दिन बाद शादी होनी थी। मरने वालों में दो चचेरे भाई और मामा शामिल है। तीनों शादी का सामान लेकर घर लौट रहे थे।हादसा नेशनल हाईवे 168 पर अनादरा थाना क्षेत्र के डबानी मोड़ के पास गुरुवार सवेरे करीब 10:30 बजे हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही अनादरा थाने के सीआई कमलेश गहलोत सहित पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया।
सीआई कमलेश गहलोत ने बताया डबानी मोड़ के पास करीब 10:30 बजे ट्रेलर की टक्कर से बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई। ट्रेलर को ग्रामीणों ने हादसे के बाद रुकवा दिया। शवों को अनादरा अस्पताल की मॉच्र्युरी में रखवाया। ट्रेलर अनादरा से रेवदर की तरफ आ रहा था, वहीं बाइक रेवदर से अनादरा जा रही थी।दो दिन बाद होनी थी शादी
हादसे में मरने वालों की पहचान नरमा गरासिया (24) पुत्र बाबू गरासिया, रमेश गरासिया (24) पुत्र छोगा गरासिया, गोविंद (28) पुत्र साहेबा गरासिया निवासी खरुआड़ा (रेवदर) के रूप में हुई है।
मृतक गोविंद के भाई अर्जुन ने बताया- गोविंद और नरमा चचेरे भाई हैं और रमेश दूर के रिश्ते में नरमा का मामा है।
अर्जुन ने बताया – दो दिन बाद शनिवार को नरमा की शादी होनी थी। शुक्रवार को गणपति स्थापना थी। तीनों युवक करोटी से शादी का सामान लेकर वापस खरुआड़ा लौट रहे थे।
बाइक को सामने से मारी टक्कर
इसी दौरान डबानी मोड़ के पास ट्रेलर ने उनकी बाइक को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक उछलकर सड़क पर जा गिरे। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।ग्रामीणों ने पीछा कर रुकवाया ट्रेलर
ग्रामीण भंवर देवड़ा ने बताया- हादसे के बाद ड्राइवर ट्रेलर लेकर भागने लगा, लेकिन करीब 2 किमी पीछा कर ट्रेलर को रुकवा लिया। हालांकि ड्राइवर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद हाईवे पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और करीब आधे घंटे तक हाईवे पर जाम लगा रहा।
वहीं हादसे के बाद मौके पर एसडीएम राजन लोहिया, सीआई सीताराम सहित पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
गरासिया समाज में बच्चा होने के बाद होती है शादी
नरमा, जिसकी शादी होने वाली है, उसकी 2 साल की बेटी है। दरअसल गरासिया जनजाति में तानना प्रथा चलती है। इसके तहत हर साल सिरोही में लगने वाले ‘गौर मेले’ में लड़का-लड़की एक दूसरे को पसंद कर परिवार की सहमति से भाग जाते हैं। वापस आने पर वे बिना औपचारिक शादी के रहने लगते हैं। परंपरा के अनुसार, जब लिव-इन में रहते हुए संतान पैदा हो जाती है, तभी उस रिश्ते को शादी के योग्य माना जाता है।
इस परंपरा के तहत बच्चा होने के बाद अब नरमा की शादी होनी थी।
