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सिरोही में श्रमिक-किसानों का प्रदर्शनः श्रम संहिताओं की वापसी और कर्जमाफी की मांग, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

Pintu Aggarwal by Pintu Aggarwal
August 11, 2026
in Local
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PALI SIROHI ONLINE

सिरोही-सिरोही जिला मुख्यालय पर सोमवार को केंद्रीय श्रमिक संगठनों राजस्थान और संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में श्रमिक एवं किसान संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान एक रैली निकाली गई। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जी. संजीवा रेड्डी और प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व राज्य मंत्री जगदीश राज श्रीमाली के निर्देशानुसार आयोजित किया गया था।जिला इंटक अध्यक्ष इंद्र सिंह देवड़ा के नेतृत्व में जे.के. सीमेंट और अल्ट्राटेक सीमेंट नाथद्वारा यूनिट के श्रमिकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान “इंटक जिंदाबाद” और “किसान-मजदूर एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए गए।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से चार श्रम संहिताओं को वापस लेने, श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों की रक्षा करने, बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने और किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी सहित विभिन्न मांगें उठाईं।

इस प्रदर्शन में जेके लक्ष्मी सीमेंट से रामाराम, हरियाराम, गोविंद, सेलाराम, उत्तमसिंह, श्रवण परिहार, रूपाराम, कैलाश, प्रभुसिंह, पुखराज रावल, जितेंद्र सिंह, अमर सिंह, भंवरलाल, विनोद और सिंगाराम शामिल थे। अल्ट्राटेक सीमेंट नाथद्वारा यूनिट के इंटक अध्यक्ष रतन सिंह देवड़ा, महामंत्री राजेंद्र मेवाड़ा, कोषाध्यक्ष जीवन सिंह, उपाध्यक्ष धनाराम गरासिया के साथ नरसा राम, समीरा राम, प्रभु राम, नेती राम, भरत गरासिया, राजू भाई, रमेश रावल, राम गोपाल और सज्जन सिंह सहित बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।

रैली के बाद श्रमिक एवं किसान संगठनों ने जिला कलेक्टर सिरोही को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसान-मजदूरों के हितों की रक्षा करने और केंद्र सरकार की नीतियों में आवश्यक बदलाव करने की मांग की गई।वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि किसान और मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने जोर दिया कि उनके अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा, और मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।

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