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माउंट आबू-पर्यटन सीजन को देखते हुए माउंट आबू वन विभाग ने पर्यटकों, होटल संचालकों, टूर ऑपरेटरों और नेचर गाइडों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अब पर्यटन गतिविधियां सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही संचालित की जा सकेंगी। बिना अनुमति रात में कैंपिंग, अत्यधिक शोर, निर्धारित रूट से बाहर जाना, वन्यजीवों को खाना खिलाना तथा रास्तों, जल स्रोतों और चट्टानों पर कचरा फेंकने पररोक रहेगी। विभाग का उद्देश्य पर्यटन के साथ पहाड़ी क्षेत्र की स्वच्छता, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है।
कचरा फेंका तो कार्रवाई, जल स्रोतों की सुरक्षा पर जोर
उपवन संरक्षक अनिल कुमार गुप्ता के अनुसार होटल मालिकों, टूर ऑपरेटरों और नेचर गाइडों से अपील की गई है कि वे कचरा केवल निर्धारित स्थानों पर ही डालें। पर्यटकों को भी खाद्य सामग्री के पैकेट, बोतलें और अन्य कचरा कचरा पात्रों में डालने के निर्देश दिए गए हैं। रास्तों, जल स्रोतों और चट्टानों पर कूड़ा फेंकने पर सख्ती की जाएगी।
बिना अनुमति ट्रैकिंग और वाहन संचालन पर रोक
पार्क और सैंक्चुरी क्षेत्र में बिना अनुमति गाइड के वाहन संचालन और ट्रैकिंग की अनुमति नहीं होगी। पर्यटन गतिविधियों के लिए निर्धारित रूट और दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। विभाग का मानना है कि इससे पर्यटन गतिविधियों के कारण वन्यजीवों और प्राकृतिक जल स्रोतों पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकेगा।
जानवरों को खाना खिलाना भी प्रतिबंधित
वन विभाग ने पर्यटकों को वन्यजीवों को खाद्य सामग्री खिलाने से भी रोक दिया है। अधिकारियों के अनुसार वन्यजीवों को इंसानों से भोजन मिलने की आदत पड़ने से उनका प्राकृतिकव्यवहार प्रभावित हो सकता है। ऐसे में यह प्रतिबंध वन्यजीवों को मानव-आश्रित होने से बचाने और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए लगाया गया है।सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही पर्यटन गतिविधियां
विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी पर्यटन गतिविधियां केवल दिन के समय संचालित होंगी। बिना अनुमति रात में कैंपिंग और अत्यधिक शोर वाली गतिविधियां नहीं की जा सकेंगी। इसका उद्देश्य रात के समय सक्रिय रहने वाले वन्यजीवों को मानवीय गतिविधियों से होने वाले व्यवधान से बचाना है।
होटल, गाइड और स्थानीय कारोबारियों को नियमों का पालन जरूरी
नए दिशा-निर्देशों का असर होटल, गाइडिंग और रेहड़ी-ठेले जैसे स्थानीय व्यवसायों पर भी पड़ेगा। इनसे निरीक्षण तथा टिकट और अनुमति व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। वन विभाग ने नगर परिषद और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी सहयोग मांगा है, ताकि कचरा प्रबंधन नियमित रूप से हो और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनी रहे।
प्लास्टिक कम करने और कंपोस्टिंग की अपील
वन विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने की अपील की है। जैविक कचरे को कंपोस्ट करने तथा गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरे को निर्धारित स्थानों पर ही डालने को कहा गया है। विभाग के अनुसार माउंट आबू की नाजुक पहाड़ी पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखने के लिए पर्यटन और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी है


