PALI SIROHI ONLINE
सायला। ओटवाला नदी क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक महेंद्र मेघवाल की मौत के मामले में करीब 52 घंटे बाद गतिरोध समाप्त हो गया। पिछले दो दिनों से राजकीय अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे परिजन और समाजजन रविवार को पुलिस के आश्वासन के बाद शव लेने पर राजी हो गए। पुलिस ने मोबाइल फोन से मिले अहम तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 3 दिन में जांच में महत्वपूर्ण प्रगति कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
महेंद्र की मौत को लेकर परिजन शुरू से ही हत्या की आशंका जता रहे थे। घटनास्थल की परिस्थितियां और शव की स्थिति सामान्य आत्महत्या की ओर इशारा नहीं करती। इसी मांग को लेकर समाज के लोग बड़ी संख्या में मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे रहे। रविवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष रमिला मेघवाल के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधियों ने अस्पताल पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। इस दौरान सायला थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह तांडी ने बताया कि मृतक के मोबाइल फोन की जांच में कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्य सामने आई है। अन्य तकनीकी साक्ष्यों के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अनुसंधान किया जा रहा है।
पुलिस ने भरोसा दिलाया कि यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के 3 दिन में जांच आगे बढ़ाने के आश्वासन के बाद परिजन धरना समाप्त करने और शव लेने पर सहमत हो गए। पुलिस के अनुसार मृतक के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्य अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। कॉल डिटेल्स, चैट और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया जा रहा है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही घटनास्थल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया है। उधर, समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।

