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पाली। पाली में करीब आठ साल पुराने गांजा तस्करी के मामले में एनडीपीएस कोर्ट ने मस्तान बाबा क्षेत्र निवासी दो सगे भाइयों को साढ़े तीन-तीन साल क कारावास और 30-30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों 23 जून 2018 को 5 किलो 800 ग्राम गांजे के साथ पकड़े गए थे। सुनवाई के दौरान मौके के स्वतंत्र गवाह अपने बयान से मुकर गए, लेकिन अदालत ने वैज्ञानिक और फोरेंसिक सबूतों को आधार मानते हुए दोनों को दोषी करार दिया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मारी रेड
कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक निखिल व्यास ने बताया -23 जून 2018 को कोतवाली थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मस्तान बाबा के पीछे पेट्रोल पंप के पास वाली गली में रहने वाला इरफान उर्फ राजा अपने घर से अवैध गांजे का कारोबार करता है।
सूचना मिलते ही तत्कालीन थानाप्रभारी पुलिस टीम के साथ दोपहर करीब 3:50 बजे मौके पर पहुंचे। पुलिस की जीप देखकर घर के बाहर बैठे दोनों युवक घबरा गए और घर के अंदर जाकर एक-एक थैला लेकर पीछे बांडी नदी की तरफ भागने लगे।
5.8 किलो गांजा मिला, दोनों भाइयों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में इरफान उर्फ राजा के पास से 1 किलो 600 ग्राम और उसके भाई इमरान के पास से 4 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में इमरान ने बताया कि वह गांजा जोधपुर से लेकर आया था।
इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर गांजा जब्त कर लिया। दोनों आरोपियों को 23 जून 2018 को गिरफ्तार किया गया था और 24 सितंबर 2018 को उन्हें जमानत मिल गई। बाद में 26 अक्टूबर 2018 को पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया।
गवाह मुकरे, लेकिन फोरेंसिक साक्ष्यों से हुई सजा
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों पर विचार किया गया। हालांकि मौके के स्वतंत्र गवाह अपने बयान से मुकर गए, लेकिन अदालत ने वैज्ञानिक और फोरेंसिक साक्ष्यों को पर्याप्त माना।
इसके आधार पर 18 जुलाई 2026 को विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस प्रकरण एवं अपर सेशन न्यायाधीश शरद तंवर ने मस्तान बाबा क्षेत्र निवासी 28 वर्षीय इरफान उर्फ राजा पुत्र सलीम खान और उसके 38 वर्षीय भाई इमरान पुत्र सलीम खान को अवैध रूप से मादक पदार्थ रखने और तस्करी का दोषी मानते हुए साढ़े तीन-तीन साल की सजा और 30-30 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया।

