सांडेराव में महाराणा प्रताप की जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई
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नटवर मेवाडा
*हिन्दुत्व और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती साण्डेराव में उत्साहपूर्वक मनाई गई*
*साण्डेराव।* शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती स्थानीय कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलित कर मेवाड़ के महान योद्धा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
*समारोह का आयोजन:-* मुख्य समारोह साण्डेराव-फालना सड़क मार्ग स्थित मेवाड़ा अतिथि भवन में शनिवार को आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ठाकुर गणपत सिंह देवतरा रहे, जबकि अध्यक्षता मारवाड़-गोड़वाड जन कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष जयदेव सिंह राणावत ने की। समारोह में भारी संख्या में महाराणा प्रताप के शुभचिंतकों और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
*वक्ताओं के विचार:-* समारोह को संबोधित करते हुए जयदेव सिंह राणावत ने कहा कि महाराणा प्रताप ही वह प्रथम महापुरुष थे जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और हिन्दुत्व व स्वाभिमान की मशाल को जलाए रखा। उन्होंने कहा, “राजस्थान के बिना भारत और मेवाड़ के बिना राजस्थान की पहचान अधूरी है।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे प्रताप, शिवाजी और वीर दुर्गादास जैसे महापुरुषों के साहस व पुरुषार्थ को अपने जीवन में उतारें।अखिल भारत हिंदू युवा महासभा के जिला अध्यक्ष महावीर मेवाड़ा ने प्रताप की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हमें महाराणा प्रताप के बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।
*गणमान्य उपस्थिति:-*
इस गौरवशाली अवसर पर ठाकुर गणपत सिंह देवड़ा,मगेर सिंह कुंपावत, शक्ति सिंह गिरवर, भरत सिंह, भावेश मेवाड़ा, प्रवीण सिंह भाटी, किशोर नाहर, हुकमसिंह राजपुरोहित और विक्रम मेवाड़ा सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्र रक्षा का संकल्प दोहराया।
