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नटवर मेवाडा
सांडेराव में अकीदत और उल्लास के साथ मनाया गया ईद-उल-अजहा का पर्व, देश में अमन-चैन की मांगी दुआ
सांडेराव। त्याग और समर्पण का प्रतीक पर्व ईद-उल-अजहा (बकरा ईद) गुरुवार को स्थानीय कस्बा सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी अकीदत, अदब और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मुबारक मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिदों और ईदगाह में विशेष नमाज अदा की और मुल्क में अमन, चैन तथा खुशहाली की सामूहिक दुआ मांगी। पर्व को लेकर सुबह से ही समाज के लोगों में खासा उत्साह देखा गया। नए वस्त्र पहनकर बच्चे, युवा और बुजुर्ग नमाज अदायगी के लिए मस्जिदों की ओर रवाना हुए। कस्बे के मुख्य बाजार स्थित जामा मस्जिद को इस विशेष अवसर पर रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक ढंग से सजाया गया, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।
मौलाना मंजर अहमद ने अदा करवाई नमाज-
कस्बे के प्रसिद्ध सूफी संत भोलेशाह बाबा की दरगाह परिसर स्थित मस्जिद सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर ईद की विशेष नमाज अदा की गई। यहाँ मुख्य पेश इमाम मौलाना मंजर अहमद ने मोमिनों को बाअदब नमाज मुकम्मल करवाई। मौलाना साहब ने अपने खुतबे (धार्मिक उपदेश) में ईद-उल-अजहा के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी को इंसानियत, भलाई और त्याग के रास्ते पर चलने का संदेश दिया।
अतिथियों और समाजसेवियों ने दी बधाई-
इस मुबारक मौके पर सदर शाह रुख खान, इरफान खान, सिलावट, इमरान पठान, आसिफ खान, मोहम्मद यूसुफ,मोहम्मद इब्राहिम सिलावट,आबिद खान सिलावट, अली मोहम्मद, हनीफ मोहम्मद मिजाज अली और मौजूद खान सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों और वरिष्ठ समाजसेवियों ने नमाज के बाद क्षेत्रवासियों को ईद की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
गले मिलकर दी मुबारकबाद-
नमाज मुकम्मल होने के बाद मस्जिद परिसर ‘ईद मुबारक’ के नारों से गूंज उठा। अकीदतमंदों ने एक-दूसरे के गले मिलकर और हाथ मिलाकर ईद की दिली मुबारकबाद पेश की। बड़ों ने बच्चों को ईदी बांटकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
नमाज के बाद लोगों ने अपने घरों पर पहुंचकर पारंपरिक तरीके से कुर्बानी की रस्म अदा की और सगे-संबंधियों व मित्रों को दावत पर बुलाकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया।

