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सिरोही-जिले के पोसालिया गांव की मूल निवासी और वर्तमान में बालिका आदर्श विद्या मंदिर में भौतिक विज्ञान की व्याख्याता रीनू सिसोदिया का चयन राष्ट्रीय स्तर के विकसित भारत वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के लिए हुआ है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में देश भर से चुने गए 100 स्वयंसेवकों में रीनू सिसोदिया भी शामिल हैं।
स्कूल प्रिंसिपल मधुसूदन त्रिवेदी ने बताया कि यह उपलब्धि पूरे जिले और उनके शिक्षण संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में 3 जून से शुरू हो रहे इस विशेष कार्यक्रम के लिए देशभर से केवल 100 युवाओं का चयन किया गया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों का समग्र विकास करना और युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत करना है।
त्रिवेदी ने बताया कि 3 जून से रिकांगपिओ आधार शिविर में कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जिसमें 5 जून तक अनुकूलन प्रक्रिया चलेगी। इसका उद्देश्य युवाओं को वहां की कठिन भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करना है। इसके बाद 6 से 12 जून तक ये स्वयंसेवक 20 चिन्हित सीमावर्ती गांवों में प्रवास करेंगे।
इन गांवों में रहते हुए स्वयंसेवक भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के अनुशासन और देश सेवा के जज्बे को करीब से अनुभव करेंगे। वे स्थानीय ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर वहां की सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक परिस्थितियों को भी समझेंगे।
रीनू सिसोदिया इस मंच पर राजस्थान और विशेषकर सिरोही जिले की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करेंगी। वे इन 20 सीमांत गांवों में रहकर सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेंगी। यह आयोजन विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति से परिचित कराने का एक बड़ा माध्यम बनेगा।


