• April 29, 2026

जवाई सफारी पर कमेटी रखेगी नजर, जीपीएस और यूनिक नंबर अनिवार्य, पहली बार जवाई प्रबंधन कमेटी गठित

PALI SIROHI ONLINE

पाली-जवाई क्षेत्र में पैंथर के सुरक्षित विचरण को लेकर जवाई प्रबंधन समिति का गठन किया है। कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी के निर्देशों के बाद बाली एडीएम की अध्यक्षता में 13 सदस्य कमेटी बनी है।

यह कमेटी जवाई में सुरक्षा, पर्यटन, होटल रिसोर्ट व वाहनों चालकों पर निगरानी रखेगी। सफारी को लेकर बार-बार आ रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने इसको लेकर पहली बार सभी सफारी का पंजीयन अनिवार्य र कर दिया है।सभी पर जीपीएस लगाने व रूट भी तय कर दिया है। । चालक व गाइड तक को एक यूनिक नंबर का आंवटन किया ई जाएगा। जवाई क्षेत्र में पर्यटन के साथ वन्य जीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए जवाई हे प्रबंधन समिति का गठन किया गया है।

भविष्य का प्लान भी तैयार

बर्डिंग साइट्स का विकास होगा। स्थानीय ग्रामीण संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए टूरिज्म सर्किल बनेगा। इको टूरिज्म में क्या करें व क्या नहीं करें को लेकर वीडियो जारी किए जाएंगे। हेल्पलाइन नंबर जारी होंगे। हॉस्पिटैलिटी स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना होगी। बता दें कि अभी जिले में कुल पैंथरों की संख्या 100 से भी पार हो गई है। अकेले जवाई क्षेत्र में इनकी संख्या 44 से अधिक है। जवाई के पैंथरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह मनुष्यों को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं

होटल व रिसोर्ट प्रबंधन के लिए गाइड लाइन

कचरे का निस्तारण अनिवार्य रूप से करना होगा। वेस्ट प्रबंधन नहीं किया तो कार्रवाई होगी।
रात में म्यूजिकल कार्यक्रम के दौरान तेज ध्वनि और अधिक लाइटिंग पर कार्रवाई होगी।
सभी होटल व रिसोर्ट संचालकों द्वारा सभी कार्मिकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से करना होगा।

जोन वार रूट, रेट और गति निर्धारित रहेगी
सफारी वाहनों का जवाई प्रबंधन समिति के पास पंजीकरण अनिवार्य होगा।
सफारी जीपों व वाहनों को एक विशिष्ट यूनिक नंबर का आंवटन किया जाएगा।
रूट भी निर्धारित होगा और जोन वार वाहनों को संचालित किया जाएगा।
सभी वाहनों में अनिवार्य रूप से जीपीएस लगाए जाएंगे।
सफारी करवाने के लिए रेट फिक्स की जाएगी। गति सीमा भी निर्धारित होगी।

You cannot copy content of this page