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पाली। पाली में फैक्ट्री की लिफ्ट गिरने से गेटमैन की मौत के मामले में शनिवार को दिनभर चले विरोध प्रदर्शन के बाद शाम को दोनों पक्षों के बीच मुआवजे को लेकर समझौता हो गया। इसके बाद मृतक के परिजन और समाज के लोग धरना समाप्त करने तथा पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हो गए। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
जाएगा।
इससे पहले मृतक के परिजन और समाज के लोग बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्चुरी के बाहर धरने पर बैठे रहे। उनकी मांग थी कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
आक्रोशित लोगों ने बांगड़ हॉस्पिटल से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन भी किया। धरने के दौरान कई बार दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई। समझौता होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
धरनास्थल पर सीओ ग्रामीण अमरसिंह रत्नू, सदर थानाप्रभारी कपूराराम मय जाब्ता मौजूद रहे। वहीं विधायक भीमराज भाटी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपुरोहित, कांग्रेस नेता संगीता बेनीवाल, महावीर सिंह सुकरलाई, शिवराम जाट, अमराराम बेनीवाल सहित बड़ी संख्या में जाट समाज के लोग भी मौजूद रहे।
फैक्ट्री में लिफ्ट गिरने से हुई थी मौत
रोहट क्षेत्र के काला पीपल की ढाणी निवासी और वर्तमान में महाराणा प्रताप सर्किल के पास रहने वाले भैराराम (52) पुत्र मगाराम जाट पूनायता औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रांजल फैक्ट्री में गेटमैन के रूप में कार्यरत थे।
शुक्रवार दोपहर ड्यूटी के दौरान फैक्ट्री में लगी लिफ्ट उनके ऊपर गिर गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मॉच्र्युरी में रखवाकर मामले की जांच शुरू कर दी।
तीन बच्चों और बुजुर्ग मां का था सहारा
भैराराम की पत्नी का करीब 6 साल पहले निधन हो चुका है। उनके दो बेटे 12वीं क्लास में पढ़ते हैं, जबकि बेटी अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रही है। परिवार में 90 वर्षीय मां झमकूदेवी बच्चों की देखभाल करती हैं।
भैराराम की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब तीनों बच्चों की जिम्मेदारी उनकी बुजुर्ग दादी के कंधों पर आ गई है। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद से झमकूदेवी का रो-रोकर बुरा हाल है।

