PALI SIROHI ONLINE
खीमाराम मेवाडा
राणा पुंजा मेवाड़ के इतिहास में साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण के प्रतीक-मेवाडा
पालडीजाेड़ चौहटा में गूंजी राणा पुंजा की वीरगाथा, प्रतिमा का किया विधिवत अनावरण
तखतगढ 1 अक्टूबर (खीमाराम मेवाडा) सुमेरपुर उपखंड के पालड़ी जोड़ गांव में भील समाज चौहटा में वीर राणा पुंजा की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। ग्रामीणों ने प्रतिमा का पूजन कर माल्यार्पण किया और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ अनावरण किया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने राणा पुंजा के जीवन और उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। ग्राम प्रशासक महेंद्र मेवाड़ा ने कहा कि राणा पुंजा मेवाड़ के इतिहास में साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण के प्रतीक के रूप में याद किए जाते हैं। इतिहास में राणा पुंजा और भील समाज के सहयोग को महाराणा प्रताप के संघर्ष से जोड़ा जाता है। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने महाराणा प्रताप का साथ दिया और मेवाड़ की धरती की रक्षा के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन समाज की एकता, साहस और अपनी मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। पूर्व प्रधान हरिशंकर मेवाड़ा ने कहा कि राणा पूंजा 16वीं शताब्दी में मेवाड़ के महाराणा प्रताप के सबसे प्रमुख और भरोसेमंद सहयोगियों में से एक थे। राणा पुंजा का जीवन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा है। उन्होंने ग्रामीणों से राणा पुंजा के आदर्शों को आत्मसात करते हुए गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की एकता और प्रकृति की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। कार्यक्रम में नेकुआ हनुमानजी मंदिर के महाराज तुलसीदास महाराज, मोडसिंह, नारायणसिंह, पूर्व सरपंच हंसाराम गर्ग, सुरेश खंडेलवाल सहित ग्रामीण मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। इस अवसर पर मोडाराम भील, लसाराम भील, कपुराराम मीणा, हरीश राणा, सकाराम, सवाराम देवासी, पोनीदेवी, सुरेंद्रसिंह राजपुरोहित, सोनाराम मीणा, महेश मीणा, कांतिलाल ढोली, मुकेश माली, भोमाराम सेन, प्रकाश माली, भैराराम, किरण कुमार, जीवनसिंह राणावत, कैलाश राणा, शंकरलाल हिरागर, नारायणलाल मीणा, कनिष्ठ सहायक रूपाराम मेघवाल, मनोज खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




