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नगराज वैष्णव
*मारवाड़ बागरा में खुलेगा माल कारोबार का नया द्वार,बनेगा अत्याधुनिक रेलवे गुड्स शेड*
-दोहरीकरण परियोजना में प्रावधान -व्यापारियों के साथ मजदूरों के लिए भी होंगी आधुनिक सुविधाएं
जोधपुर। रेल विकास के साथ अब मोदरान में व्यापार और रोजगार के नए अवसरों की राह भी खुलने जा रही है। लूनी-समदड़ी-भीलड़ी रेल दोहरीकरण परियोजना में मारवाड़ बागरा स्टेशन पर अत्याधुनिक गुड्स शेड विकसित करने का प्रावधान किया गया है। खास बात यह है कि यह सुविधा केवल मर्चेंट और माल कारोबारियों तक सीमित नहीं होगी,बल्कि माल की लोडिंग-अनलोडिंग से जुड़े मजदूरों के लिए भी आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे क्षेत्र में माल परिवहन को गति मिलने के साथ स्थानीय कारोबार को नया आधार मिलने की उम्मीद है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मारवाड़ बागरा में गुड्स शेड विकसित होने के बाद आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों से आने वाले माल को रेल के माध्यम से दूर-दराज के बाजारों तक भेजने की सुविधा मिलेगी। यहां माल की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए व्यवस्थित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इससे व्यापारियों को माल परिवहन के लिए रेलवे का बेहतर विकल्प मिलेगा और बड़ी मात्रा में माल की आवाजाही सुगम हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि गुड्स शेड में सड़क और रेल परिवहन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर रहेगा। सड़क मार्ग से आने वाले माल को रेलवे वैगनों में लोड कर गंतव्य तक भेजा जा सकेगा। इसी तरह बाहर से आने वाले माल को वैगनों से उतारकर स्थानीय बाजारों और संबंधित स्थानों तक पहुंचाया जा सकेगा।
डीआरएम के अनुसार परियोजना की खासियत यह है कि गुड्स शेड की योजना में केवल व्यापारिक गतिविधियों को ही प्राथमिकता नहीं दी गई है। माल की हैंडलिंग और लोडिंग-अनलोडिंग से जुड़े श्रमिकों के लिए भी आधुनिक सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा। श्रमिकों के लिए पेयजल,स्वच्छता, विश्राम सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
इससे गुड्स शेड पर काम करने वाले मजदूरों को बेहतर और सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सकेगा। माल कारोबार से जुड़े मर्चेंट, ट्रांसपोर्टर और श्रमिकों सभी के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित होगी।
*दोहरी लाइन से बढ़ेगी परिचालन क्षमता*
लूनी-समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड का दोहरीकरण इस पूरे क्षेत्र के रेल नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण बदलाव होगा। दोहरी लाइन बनने के बाद दोनों दिशाओं में ट्रेनों के संचालन के लिए अलग-अलग ट्रैक उपलब्ध होंगे। वर्तमान में सिंगल लाइन पर विपरीत दिशा की ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए स्टेशनों पर रोकना पड़ता है। दोहरीकरण से ऐसी परिचालन बाधाएं कम होंगी और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु हो सकेगी।
इसका लाभ मालगाड़ियों के संचालन को भी मिलेगा। लाइन की क्षमता बढ़ने से भविष्य में बढ़ने वाले फ्रेट ट्रैफिक को संचालित करने के लिए अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। ऐसे में मारवाड़ बागरा का नया गुड्स शेड दोहरीकरण परियोजना के साथ विकसित होने वाली महत्वपूर्ण माल परिवहन सुविधा के रूप में सामने आएगा।
*स्थानीय कारोबार को मिल सकता है फायदा*
मारवाड़ बागरा में गुड्स शेड बनने से आसपास के व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। बड़ी मात्रा में माल को रेल के जरिए लंबी दूरी तक भेजना आसान होने से कारोबारियों को परिवहन के वैकल्पिक साधन का लाभ मिल सकेगा।
परियोजना का व्यापक उद्देश्य केवल रेल लाइन की क्षमता बढ़ाना नहीं, बल्कि यात्री और माल परिवहन दोनों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार करना है। मोदरान में गुड्स शेड का प्रावधान इसी दिशा में उठाया गया कदम है। दोहरी लाइन,आधुनिक माल सुविधा और श्रमिकों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं मिलकर क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति देने में सहायक बन सकती हैं।

