कोठार ग्राम के जंगलों में मूक पशुओं के लिए बना जीवन दायिनी जलस्रोत
PALI SIROHI ONLINE
बाली उपखण्ड के कोठार ग्राम के जंगलों में मूक पशुओं के लिए बना जीवनदायिनी जलस्रोत,
बाली उपखंड क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच मूक पशुओं के लिए राहत पहुंचाने का सराहनीय कार्य अपना सेवा संगठन और श्री बेड़ा जैन संघ” द्वारा लगातार तीसरे वर्ष भी जारी है। पर्यावरण प्रेमियों और जीवदया के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं ने कोठार के जंगलों में दुर्लभ वन्य जीवों एवं अन्य मूक पशुओं के लिए पानी की स्थायी व्यवस्था की है।
पहले तीन वर्षों तक जंगल क्षेत्र में गड्ढे खोदकर प्लास्टिक पन्नियों के माध्यम से पानी भरकर व्यवस्था की जाती थी, लेकिन अब इसे स्थायी रूप देते हुए ईंटों से पक्का जलकुंड तैयार किया गया है। इस जलस्रोत में प्रतिदिन टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे भीषण गर्मी में वन्य जीवों को राहत मिल रही है।
इस सेवा कार्य में हरेंद्र सिंह राणावत सेणा, सुरेश माली बेड़ा, वीरमाराम देवासी एवं रामाराम देवासी का विशेष योगदान रहा है। जंगल क्षेत्र में जहां दूर-दूर तक पानी उपलब्ध नहीं होता, वहां कोठार के पास बनाया गया यह पानी का पॉइंट मूक प्राणियों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा है।
कार्यक्रम के संयोजक सुरेश माली ने बताया कि आने वाले समय में ऐसे और भी जल पॉइंट बनाए जाएंगे, ताकि गर्मी के मौसम में वन्य जीवों और पक्षियों को निरंतर पानी उपलब्ध कराया जा सके। स्थानीय लोगों ने भी इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण और जीवदया की दिशा में प्रेरणादायक पहल बताया।


