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जयपुर-SDM को थप्पड़ मारने के मामले में नरेश मीणा को मंगलवार को एक बार फिर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। इससे पहले SC-ST कोर्ट ने जमानत की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए उनकी बेल रद्द कर दी थी। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें राहत मिली है।
जस्टिस अनिल उपमन की अदालत ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत दी है। कोर्ट ने कहा- नरेश मीणा जमानत के समय में संबंधित थाने में हर महीने के पहले सप्ताह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। जमानत के दौरान किसी अन्य अपराध में शामिल नहीं होगा, इसके साथ ही जमानत पर रिहा होने के बाद समाज में अपनी छवि का महिमामंडन नहीं करेगा।
बता दें कि एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में हाईकोर्ट से नरेश मीणा को पहले जमानत मिली थी। लेकिन टोंक जिले के एससी-एसटी कोर्ट ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने पर नरेश मीणा की जमानत को खारिज कर दिया था। जिसके बाद नरेश ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
दरअसल, झालावाड़ स्कूल हादसे में 7 बच्चों की मौत के बाद नरेश मीणा धरने पर बैठे थे। इस पर पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया था। नगरफोर्ट थाना पुलिस ने इसी को आधार बनाकर नरेश मीणा की जमानत रद्द करने के लिए कोर्ट में एप्लिकेशन लगाई थी।
कोर्ट ने कहा- तीन में से दो मामलों में आरोपी नहीं
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पहले जमानत मिलने के बाद जो तीन मामले नरेश मीणा के खिलाफ दर्ज किए गए थे। उनमे से दो मामलों में उसकी कोई भूमिका नहीं पाई गई हैं। वहीं एक मामले में उससे पहले हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है और वह नियमित रूप से पुलिस थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा है।
नरेश मीणा की ओर से पैरवी करते हुए एडवोकेट रजनीश गुप्ता और फतेह राम मीणा ने बताया कि नरेश मीणा के खिलाफ दर्ज किए गए अधिकतर मामले राजनीति से प्रेरित हैं। झालावाड़ मामले में भी हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए प्रथमदृष्ट्या मामले को राजनीति से प्रेरित माना था।विधानसभा उपचुनाव में एसडीएम को थप्पड़ मारा था
दरअसल, देवली-उनियारा उपचुनाव-2024 में 13 नवंबर 2024 को टोंक के समरावता गांव में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद समरावता सहित कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटना हुई थी।
