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जोधपुर-जोधपुर मंडल ने चूना-पत्थर की ढुलाई के लिए नया रेल रूट शुरू किया गया है। इस रूट से हर महीने 10 रैक तक लोड किए जा सकेंगे, जिससे रेलवे को 4 करोड़ रुपए से ज्यादा की मासिक आय होने का अनुमान है। नए रूट से माल ढुलाई की क्षमता बढ़ने के साथ रेलवे के राजस्व में भी इजाफा होगा।
खारिया खंगार स्टेशन से मंगलम सीमेंट और कोटा के लिए चूना पत्थर के लिए इसे यूज किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, खारिया खंगार से कोटा तक 539 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली प्रत्येक रैक से रेलवे को करीब 41.35 लाख रुपए की आय होने का अनुमान है।
हर महीने 8 से 10 रैक लोड होने का अनुमान
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मंडल में नए माल यातायात को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, चालू माह में दो और रैक की लोडिंग प्रस्तावित है। इसके बाद हर महीने 8 से 10 रैक लोड किए जाने का अनुमान है। इस नियमित यातायात से रेलवे को हर महीने करीब 4.13 करोड़ रुपए की आय होने की उम्मीद है।नए माल ग्राहकों को जोड़ने का प्रयास
सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार, मंडल प्रशासन की ओर से नए माल ग्राहकों को रेल ट्रांसपोर्ट से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। खारिया खंगार से शुरू हुआ चूना पत्थर का यह यातायात इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में मंडल के माल राजस्व को और बढ़ावा मिलने की संभावना है।इधर, रेलवे के ऑफिस में एआई से होगा ट्रांसलेशन
इधर, रेलवे अपने ऑफिस में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए नई-नई तकनीक का उपयोग कर रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में चल रहे हिंदी पखवाड़े के तहत मंगलवार को निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं राजभाषा कार्यशाला आयोजित की गई।
इस वर्कशॉप में कंप्यूटर पर हिंदी के प्रयोग और अनुवाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर कर्मचारियों को जानकारी दी गई। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित निबंध प्रतियोगिता का विषय ‘दैनिक रेल कामकाज में हिंदी की उपयोगिता’ रहा। इसमें विभिन्न विभागों के 15 कर्मचारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में राजभाषा नियम एवं अधिनियम, कंप्यूटर पर हिंदी के प्रयोग और अनुवाद कार्य में AI के उपयोग जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के मार्गदर्शन में और अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी हितेश यादव एवं राजभाषा अधिकारी भंवर सिंह मीना के समन्वय से आयोजित किया गया।

