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मांडा-समाधि स्थल संस्थान में परम श्रद्धेय आचार्य श्री भिक्षु का 224वां चरमोत्सव 24 सितंबर को श्रद्धा, भक्ति, आध्यात्मिक उल्लास के साथ होगा। चरमोत्सव को लेकर सिरियारी में तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संस्थान परिसर में आवास, भोजन, टेंट, पार्किंग, सूचना केंद्र सहित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है। राजस्थान सहित देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं के आने की संभावना है। पदाधिकारी, कार्यकर्ता व्यवस्थाएं सुचारू करने में जुटे हैं। सिरियारी और आसपास के क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। तैयारियों के बीच आचार्य श्री भिक्षु सिरियारी संस्थान के अध्यक्ष निर्मलश्री श्रीमाल ने पूरे परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने आयोजन स्थल, ठहरने की व्यवस्था, भोजन पंडाल, टेंट, पार्किंग, सूचना केंद्र का निरीक्षण किया। पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दिए।
व्यवस्थाओं से जुड़े पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा की। आचार्य श्री भिक्षु सिरियारी संस्थान और तेरापंथ संघ के महेंद्र कोठारी ने बताया कि इस वर्ष 224वें चरमोत्सव का मंगल सान्निध्य आचार्य महाश्रमण के आज्ञानुवर्ती शासन श्री मुनि सुरेश कुमार, मुनिवतजी, मुनि जितेन्द्र कुमार सहित ठाणा-7 का मिलेगा। संतों के सान्निध्य में होने वाले इसठाणा-7 का मिलेगा। संतों के सान्निध्य में होने वाले इस आयोजन को लेकर श्रावक-श्राविकाओं में उत्साह है। श्रद्धालु समाधि स्थली पर नमन करेंगे। धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागी बनेंगे। 24 सितंबर को कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 8 बजे ध्वजारोहण से होगी। सुबह 8.15 बजे प्रभात फेरी निकलेगी। दोपहर 1 बजे संगीत ऑडिशन होगा। शाम 8 बजे से धम्म जागरणा होगा।
इसमें तेरापंथ श्रद्धानिच संगायक आध्यात्मिक और भक्तिमय प्रस्तुतियां देंगे। भक्ति गीतों, धार्मिक प्रस्तुतियों से माहौल भक्तिमय रहने की संभावना है। चरमोत्सव पर हर साल देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं सिरियारी पहुंचते हैं। तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, असम, हरियाणा, पंजाब सहित राजस्थान और संपूर्ण मेवाड़ क्षेत्र से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। बताया गया कि हर साल 20 हजार से अधिक श्रावक-श्राविकाएं सिरियारी पहुंचकर श्रद्धा अर्पित करते हैं।


