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बाली उपखण्ड के बोया ग्राम में विश्व योगासन चैंपियन अर्जुन परमार का हुआ नागरिक सम्मान, राष्ट्रीय से विश्व स्तर तक उपलब्धियों का किया सम्मान
सेवाड़ी@पत्रिका। बोया अम्बेडकर भवन में शनिवार को विश्व योगासन चैंपियन अर्जुन परमार के सम्मान में भव्य नागरिक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, समाजसेवियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अर्जुन परमार का साफा एवं माल्यार्पण कर अभिनंदन किया तथा उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियों को क्षेत्र, समाज और देश के लिए गौरवपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी विधायक प्रतिनिधि विक्रम सिंह राणावत, अध्यक्षता विक्रमादित्य सिंह राणावत ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में उप जिला प्रमुख डॉ. जगदीश चौधरी, स्नेहा बेन, महावीर सिंह राणावत, हरी सिंह व्यास, पीईईओ सोहनलाल पारगी एवं सोहनभाई चौधरी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विभिन्न समाजों एवं संगठनों ने भी अर्जुन परमार का सम्मान किया।
इस अवसर अर्जुन परमार की वर्ष 2024 से 2026 तक की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। उन्होंने कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक स्वर्ण एवं एक रजत पदक, उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों में एक कांस्य पदक, चेन्नई में आयोजित ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में एक स्वर्ण पदक, छत्तीसगढ़ में आयोजित सीनियर नेशनल योगासन चैंपियनशिप में दो स्वर्ण एवं एक कांस्य पदक, दिल्ली में आयोजित एशियन योगासन चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक तथा अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन खेल चैंपियनशिप-2026 में आर्टिस्टिक सिंगल एवं आर्टिस्टिक ग्रुप इवेंट में दो स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि अर्जुन परमार ने राष्ट्रीय, एशियाई और विश्व स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर बाली क्षेत्र और राजस्थान का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
अर्जुन परमार ने अपने संबोधन में कहा कि यह सफलता भगवान की कृपा, गुरु एवं कोच देवांशु ओझा के मार्गदर्शन, माता-पिता, परिवारजनों, शुभचिंतकों के आशीर्वाद तथा निरंतर कठिन परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आगे भी देश के लिए और अधिक उपलब्धियां हासिल करने का प्रयास जारी रहेगा। कार्यक्रम में रमेश सरेल बारवा, मांगीलाल परमार, कीकाराम परमार,लखमाराम, मोहनलाल परमार, नारायणलाल परमार का विशेष योगदान रहा।


