• May 30, 2026

रविंद्र सिंह भाटी के PSO सस्पेंड: पेट्रोल छिड़कने के मामले में बरती थी लापरवाही; गिरल में 25 दिनों से धरने पर बैठे हैं विधायक

PALI SIROHI ONLINE

बाड़मेर-शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के 19 मई को पेट्रोल छिड़क कर खुद को आग लगाने का प्रयास करने के मामले में बाड़मेर पुलिस ने कार्रवाई की है।

पुलिस ने भाटी के पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) को सस्पेंड कर दिया है। विधायक बनने के बाद पीएसओ नखतसिंह को भाटी की सुरक्षा में तैनात किया गया था।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि विधायक के खुद पर पेट्रोल छिड़कने के दौरान पीएसओ नखतसिंह ने लापरवाही बरती। वे इस घटना को रोक नहीं पाए। इसे गंभीरता से लेते हुए नखतसिंह को हटाकर भाटी की सुरक्षा में दूसरा पीएसओ तैनात किया गया है। एसपी चूनाराम जाट ने बताया का कहना है कि शिव विधायक के पीएसओ को संस्पेंड कर उसकी दूसरा पीएसओ लगाया गया है।

25 दिनों से भाटी धरने पर बैठे हैं

बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस के सामने स्थानीय श्रमिकों और ग्रामीणों के अधिकारों को लेकर चल रहे आंदोलन में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को धरनास्थल पर बैठे हुए 25 दिन पूरे हो गए हैं। इस दौरान वे श्रमिकों के साथ ही धरना स्थल पर ही रात गुजार रहे हैं।

भीषण गर्मी, धूलभरी आंधियों और कठिन हालातों के बावजूद भाटी धरना स्थल पर डटे हुए हैं। वे धरना स्थल पर ही श्रमिकों से चर्चा कर रहे हैं और क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान भी कर रहे हैं।

यह था मामला

19 मई को गिरल गांव में मजदूर रैली और जनसभा का आयोजन किया गया था। लेकिन प्रशासन और सरकार स्तर से कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। इसके बाद विधायक भाटी के नेतृत्व में रैली कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर गई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत बीएसएफ गेट पर बसें खड़ी कर दी गईं और उनकी रैली को रोकने का प्रयास किया गया।

इसके बाद विधायक और उनके समर्थक पैदल आगे बढ़े और कलेक्ट्रेट पहुंचे। इसी दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में रविंद्र सिंह भाटी ने अचानक अपने बैग से पेट्रोल की बोतल निकाली और उसमें से पेट्रोल खुद पर छिड़क लिया। वे मौजूद लोगों से खुद को आग लगाने के लिए माचिस की मांग भी करने लगे। हालांकि इस दौरान उनके आसपास मौजूद पुलिसकर्मीउन्हें ऐसा करने से रोक नहीं पाए और पेट्रोल डालने के बाद उन्हें रोका गया। इसे प्रशासनिक स्तर पर पुलिस की बड़ी चूक माना गया था।

इसके बाद विधायक भाटी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में कलेक्टर चिन्मयी गोपाल, एसपी चूनाराम जाट सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वार्ता शुरू हुई। करीब पांच घंटे तक चली बातचीत में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन कई बिंदुओं पर समाधान नहीं निकल सका और वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद विधायक भाटी एक बार फिर गिरल गांव में धरने पर लौट गए।

You cannot copy content of this page