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जोधपुर-साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर को पुलिस ने गिरफ्तार किया। हालांकि उसी दिन इसके बाद मुचलका भरवाकर छोड़ दिया। कंपाउंडर पर उतावलेपन व लापरवाही के आरोप में केस दर्ज था।
पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद 19 फरवरी को देवी सिंह राजपुरोहित को गिरफ्तार किया और गुपचुप तरीके से जमानती मुचलके भरवाकर उसे छोड़ दिया। इसकी जानकारी रविवार को सामने आई।डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल ने बताया देवी सिंह के खिलाफ जमानती धारा का केस था। कानूनी प्रक्रिया के तहत देवी सिंह को गिरफ्तार कर मुचलके पर छोड़ दिया गया।
गौरतलब है कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के करीब 20 दिन बाद 16 फरवरी को बोरानाडा पुलिस स्टेशन में साध्वी को इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर देवी सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। कंपाउंडर पर चिकित्सा नियमों में लापरवाही का आरोप है। अगर आरोप साबित हो जाते हैं तो देवी सिंह को 2 साल की सजा हो सकती है।
28 जनवरी को हुई थी साध्वी की मौत
जोधपुर शहर के बोरानाडा इलाके में आरती नगर स्थित आश्रम में 28 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें जुकाम होने और सांस लेने में परेशानी होना बताया गया था। तब इलाज के लिए कंपाउंडर देवीलाल सिंह को बुलाया गया था। कंपाउंडर देवीसिंह ने 2 इंजेक्शन लगाए थे।
इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें लेकर पाल रोड स्थित प्रेक्षा हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया था। साध्वी के पिता वीरमनाथ हॉस्पिटल से शव को आरती नगर स्थित आश्रम ले आए थे।
पुलिस के दखल के बाद देर रात को शव एमजीएच मॉच्र्युरी में रखवाया था। इसके अगले दिन 29 जनवरी को देर शाम महात्मा गांधी हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया था। 30 जनवरी को बाड़मेर के परेऊ गांव में साध्वी प्रेम बाईसा को समाधि दी गई थी।
2 फरवरी को विसरा सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। 11 दिन में एफएसएल जांच पूरी हुई। इसके बाद रिपोर्ट जोधपुर पुलिस को सौंप दी गई। पुलिस ने एफएसएल जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञों से भी राय ली।
पुलिस ने कंपाउंडर की लापरवाही बताई थी
मौत के कारणों की जांच के लिए बनी एसआईटी ने साध्वी के पिता, सोशल मीडिया संभालने वाले स्टाफ, रसोइए, कंपाउंडर और हॉस्पिटल स्टाफ से पूछताछ की थी। मामले का खुलासा करते हुए जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया था कि साध्वी की मौत का मुख्य कारण फेफड़ों की गंभीर बीमारी के चलते आया हार्ट अटैक (कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट) था।
जांच में यह भी सामने आया है कि इलाज के दौरान कंपाउंडर देवी सिंह की ओर से नियमों की अनदेखी की गई। इस स्थिति में लापरवाही सामने आई।

