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आबूरोड, सिरोही -आबूरोड क्षेत्र में अवैध बजरी खनन पर निगरानी कर रहे कर्मचारियों पर हमले का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में अवधेश सिंह चौहान ने सदर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत में अवैध बजरी खनन माफियाओं द्वारा मारपीट, धमकी और तोड़फोड़ करने के आरोप लगाए गए हैं।
अवधेश सिंह चौहान ने बताया कि खान एवं भू विज्ञान विभाग, सिरोही की ओर से ग्राम पंचायत किवरली, मोरथला और देलदर, आबूरोड क्षेत्र में आदिवासी विकास सेवा समिति, पानिया (वलोरिया), पिंडवाड़ा को खनिज बजरी का मंशा पत्र जारी किया गया है। इसी के तहत संस्था ने उन्हें मंशा पत्र क्षेत्र में अवैध खनन पर निगरानी रखने के लिए कर्मचारी नियुक्त किया था।
30-40 वाहनों में पहुंचे 50-60 लोग, लाठी-डंडों से किया हमला
रिपोर्ट के अनुसार घटना शाम करीब 6:30 बजे हुई, जब अवधेश सिंह और उनके साथी निगरानी टेंट से लगभग 300 से 400 मीटर की दूरी पर थे। इसी दौरान 30 से 40 वाहनों में सवार होकर 50 से 60 अवैध बजरी खनन माफिया मौके पर पहुंचे। आरोप है कि सभी लाठी, डंडे और सरिये से लैस थे और आते ही गाली-गलौज करते हुए कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी।मोबाइल छीने, पैसे लूटने की कोशिश और धमकी
हमलावरों ने अवधेश सिंह और उनके साथी के मोबाइल छीनकर फेंक दिए और जेब से पैसे चुराने की कोशिश की। इसके साथ ही उन्हें धमकाया गया कि यदि वे दोबारा इस क्षेत्र में नजर आए तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
निगरानी टेंट तोड़ा, सामान में की तोड़फोड़
शिकायत में बताया गया कि माफियाओं ने लाठी, डंडे और सरिये से अस्थाई निगरानी टेंट को पूरी तरह तोड़ दिया। टेंट में रखा सामान क्षतिग्रस्त कर दिया गया और कुछ सामान अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद कर्मचारियों में भय का माहौल है।
लंबे समय से चल रहा है अवैध खनन
अवधेश सिंह चौहान ने बताया कि यह अवैध बजरी खनन माफिया काफी समय से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं और लगातार बजरी का अवैध खनन कर रहे हैं। उन्होंने अवैध गतिविधियों से जुड़े जीपीएस लोकेशन सहित फोटो और वीडियो भी सुरक्षित रखने की बात कही है।
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार हमलावरों में शेर मोहम्मद मानपुर, किशन खारोल, भरत राव, अनिल सिंधी, दशरथ बंजारा, जीतू पुत्र रघुनाथ सहित कई ट्रैक्टर चालक और मालिक शामिल बताए जा रहे हैं।शिकायतकर्ता ने पुलिस से अवैध बजरी खनन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, उन्हें सजा दिलाने और अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने अस्थाई निगरानी टेंट को दोबारा लगवाने और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया है।

