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जोधपुर-जोधपुर के एक युवक को पड़ोसियों ने शादी का झांसा देकर बिहार ले गए। वहां उसकी चार शादियां करवाई, लेकिन हर बार दुल्हन ने अलग-अलग तरीकों से धोखा दिया। पहली दुल्हन बस से उतरकर भाग निकली, दूसरी ट्रेन में सफर के दौरान गायब हो गई। तीसरी दुल्हन ने विवाह के बाद साथ जाने से इनकार कर दिया, जबकि चौथी दुल्हन तो शादी के मंडप से ही फरार हो गई।
इस पूरी धोखाधड़ी में युवक के ₹3,85,000 भी खर्च हो गई। चार-चार शादियां करने के बाद भी वह अकेला रह गया। जब उसने अपने रुपए वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे जेल बंद कराने की धमकी दी।
कोर्ट में भी परिवाद के जरिए चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। लूणी थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
शादी के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी: चार दुल्हनें, एक दूल्हा
काफी समय से नहीं हो रही था शादी लूणी थाना में विजेंद्र भारती (29) ने शिकायत में बताया कि उसका काफी समय से विवाह नहीं हो रहा था और वह विवाह के लिए योग्य लड़की की तलाश कर रहा था। उसके पड़ोस में ही पप्पू भारती, अमर भारती, भंवरी देवी पत्नी अमर भारती और राकेश भारती रहते हैं। उनको इस बात की जानकारी थी। ऐसे में उन्होंने विजेंद्र से बेईमानी और धोखाधड़ी से रुपए एंठने के लिए योजना बनाई और विजेंद्र को बताया कि उसका विवाह मिलनसार लड़की से करवा दिया जाएगा।
विजेंद्र ने इन लोगों की बातों पर विश्वास किया। 26 अप्रैल 2024 को ट्रेन से बिहार के सासाराम गए, वहां से बक्सर और बक्सर से फिर दिनार गए। वहां पर इन लोगों ने चार-पांच लड़कियां बताई और शादी भी कार्रवाई। जिसकी एवज में समय-समय पर इन लोगों ने पप्पू भारती के खाते में ₹185000 डलवाए और बाकी सभी लोग अमर भारती, राकेश भारती, भंवरी देवी ने उससे विवाह के नाम पर ₹200000 के नगद राशि ली और आपस में बांट ली।
बस और ट्रेन से गायब हुई लड़की
विवाह के बाद जब विजेंदर जोधपुर के लिए रवाना हुआ तो पहली लड़की बस से उतरकर नीचे चली गई और नहीं मिली। विजेंद्र ने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि दूसरी शादी करवा देंगे। जिस पर विजेंद्र का विवाद दूसरे दिन अन्य लड़की से करवाया। उसे लेकर विजेंद्र ट्रेन से जोधपुर के लिए रवाना हुआ तो वह लड़की भी रास्ते में कहीं गुम हो गई, जो उसे फिर नहीं मिली। इसके बाद विजेंद्र ने आरोपियों से फिर संपर्क किया तो फिर दूसरे दिन एक और लड़की से विवाह करवाया। विवाह के पश्चात वह साथ चलने को राजी नहीं हुई।
धोखाधड़ी कर रहे हैं और उसके पास खर्च के लिए भी रुपए नहीं बचे हैं। इस पर उन लोगों ने उन्हें कहा कि कल एक और लड़की से शादी करवाकर पूरा विवाद समाप्त कर देंगे। इसके बाद एक और लड़की से विवाह करवाया गया, लेकिन वह लड़की विवाह मंडप से चली गई। इसके बाद सभी आरोपियों ने बताया कि विवाह एक माह बाद होगा और जोधपुर चलना पड़ेगा।
जेल में बंद कराने की दी धमकी
विजेंद्र ने एतराज जताया है कि बिहार लाकर जमा पूंजी और नगद राशि ले ली है। कोई पैसा उसके पास नहीं बचा है। वह अब शादी नहीं करना चाहता और उसके पैसे वापस लौट जाएं। इस पर सभी लोग उससे झगड़ा करने लगे। धमकी देते हुए कहा कि जेल में बंद करवा देंगे और जोधपुर भी नहीं जाने देंगे। ऐसे में विजेंद्र ने वहां पर किसी से शिकायत नहीं की और भूखा प्यासा ही जोधपुर आया।
पैसों की वापसी के लिए भी धोखा
जोधपुर लौटने के बाद विजेंद्र ने अपने पैसे वापस पाने की कोशिश की। 23 मई 2024 को आरोपियों से बात हुई, जिसमें ₹2,90,000 का लेनदेन बताया गया। कुल ली गई राशि ₹3,85,000 में से ₹1,15,000 दो महीने में लौटाने का वादा किया गया, लेकिन यह वादा भी झूठा निकला। दो महीने बीत जाने के बाद भी एक रुपया भी वापस नहीं किया गया।
आखिरकार, न्याय पाने के लिए विजेंद्र ने न्यायालय में परिवाद दायर किया है। इसमें चार आरोपियों पप्पू भारती (पुत्र अमर भारती), अमर भारती (पुत्र तेज भारती), भंवरी देवी (पत्नी अमर भारती) और राकेश भारती (पुत्र अमर भारती) के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। सभी आरोपी लूणी के निवासी हैं। विजेंद्र ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।