
PALI SIROHI ONLINE
खीमाराम मेवाडा
आखिर कैबिनेट मंत्री कुमावत ने फालना से जालौर रेल लाइन की मुहिम पर संज्ञान लेते हुए रेल मंत्री से की मुलाकात
फालना से जालौर रेल लाइन का विस्तार सहित जवाई बांध स्टेशन को सुमेरपुर जवाई बांध के नाम नामांकरण के लिए प्रस्ताव सौंपकर उठाई मांग
तखतगढ 25 जुलाई ;(खीमाराम मेवाडा) फालना से जालौर रेल लाइन बिछाने को लेकर पिछले महीने 18 जून से लेकर 7 जुलाई तक यानी 20 दिन तक लगातार पाली जालौर निवासियों सहित क्षेत्र के गुजरात महाराष्ट्र प्रवासियों की मांग के अनुसार मुहिम को छेढ़ते हुए समाचार प्रकाशित करने के बाद आखिर मुहिम के 18 दिन बाद स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने शुक्रवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी कुमार दिल्ली से मुलाकात कर केंद्रीय रेल मंत्री को 23 वर्षों से अटका पड़ा फालना से जालौर रेलवे लाइन एवं जवाई बांध स्टेशन को सुमेरपुर जवाई बांध के नाम नामकरण करने के मामले पर ध्यान आकर्षित करवाते हुए प्रस्ताव सोपा है।
प्रस्ताव में मंत्री कुमावत ने बताया कि जालौर से फालना के बीच नई रेल लाइन बिछाने, जवाई बांध रेलवे स्टेशन का नामकरण सुमेरपुर-जवाई बांध रेलवे स्टेशन करने, जवाई बांध पर एटीएम लगाने की मांग की। साथ ही कुमावत ने रेल मंत्री को अवगत कराया कि पश्चिम राजस्थान के पाली, जालोर व सिरोही जिले के लाखों लोग गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में रोजगार कर रहे हैं। इन जिलों के लोगों का अकसर अपने प्रदेश आना-जाना लगा रहता है। इनके लिए एकमात्र परिवहन का साधन रेलगाड़ी है। इन राज्यों में जाने के लिए जोधपुर, पाली होते हुए गरीब रथ एक्सप्रेस (12215) व अजमेर मैसूर एक्सप्रेस (16209) मुख्य ट्रेनें हैं। इन दोनों ट्रेनों का ठहराव जवाई बांध रेलवे स्टेशन पर नहीं होने से यात्रियों को 25 किलोमीटर दूर फालना रेलवे स्टेशन या करीब 100 किमी दूर पिंडवाड़ा या आबू रोड रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है। इससे उनका समय व धन अतिरिक्त खर्च होता है। उन्होंने बताया कि जवाई बांध रेलवे स्टेशन पर और भी कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव है।यदि उक्त दोनों ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित हो जाए तो आसपास के गांवों से दक्षिण भारत के राज्यों में आने-जाने में अत्यधिक लाभ होगा।
इसलिए जरूरी सुमेरपुर-जवाई बांध रेलवे स्टेशन करना
केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि जवाई बांध सुमेरपुर नगरपालिका के परिसीमन क्षेत्र में आता है। यह सुमेरपुर से महज 8 किमी से भी कम दूरी पर है। चूंकि सुमेरपुर एक बड़ी व्यापारिक कृषि मंडी है। इसके आसपास के 200 गांवों का केंद्र बिंदू होने के कारण इसकी पैरा फेरी में स्थित जवाई बांध राजस्व ग्राम में स्थित है। इसका नाम सुमेरपुर-जवाई बांध रेलवे स्टेशन करने से इसका सर्वागीण विकास हो सकेगा। इलाके के लोगों की भावना को ध्यान में रखते हुए इसका नाम सुमेरपुर जवाई बांध करना उचित होगा।
क्यो छेडी मुहिम,
यह है की 5 -6 जून को जालौर जिले के एक परिवार में जन्मे लुम्बाराम चौधरी साधारण व्यक्ति होते हुए भी उन्होंने जालौर सिरोही लोकसभा सीट से चुनाव जीत कर सांसद बने और अपने क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा प्रयासरत रहते हुए। चौधरी ने जालौर सिरोही जिले को आजादी के बाद पहली बार रेल्वे से कनेक्ट करने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी कुमार से रूबरू मुलाकात कर सरुपगंज वाया सिरोही से जालोर बागरा तक 96 किलो मीटर रेल्वे लाइन बिछाने की स्वीकृति भी जारी करवा दी है। जो जालौर सिरोही वासीयो के लिए मिल का पत्थर साबित होगी। उत्त मामले को लेकर रेल मंत्री के गृह जिले में पिछले 23 वर्षों से फालना से वाया तखतगढ़ होकर जालोर के बीच रेल मार्ग स्वीकृति के अभाव में अटका हुआ है।
ऐसे में मारवाड़- गोडवाड़ क्षेत्र के लोगों को रेल मंत्री गृह जिले के होने के उपरांत भी सुविधा का लाभ अभी भी नहीं मिल पा रहा है। जबकी इसी रेल मार्ग से राजसमंद से लेकर जालौर जिले के ग्रेनाइट व्यवसायीयो एवं रोजगार के लिए बडी राहत मिल सकती है। आपको बता दे की जिले के मारवाड-गोडवाड़़ क्षेत्र केे लाखों प्रवासी दक्षिण भारत के विभिन्न नगरों में व्यवसायरत है। ऐेसे में वर्ष 2001 में तात्कालीन रेल मंत्री लक्ष्मण बंगारू ने फालना से वाया सांडेराव, तखतगढ़ होकर आहोर से जालोर के बीच रेल मार्ग का सर्वे करवाया था। जिस से भारत सहित विदेश में रहने वाले प्रवासियों के लिए आने वाले परिवार के अलावा अन्य प्रवासियों को क्षेत्र में आने के लिए फालना व जवाई बांध स्टेशन पर उतारना पड़ता है। बाद वर्ष 2021 एवं 2020 में भी दूसरी बार सर्वे हो चुका है। जिसका पूर्व में 17 करोड़ रुपए सर्वे मे खर्च होना सामने आया था।
सर्वे में ये थे रेलवे स्टेशन , जानकारी के अनुसार फालना से
सांडेराव, तखतगढ़, बेदाना, उम्मेदपुर, गांगावा, आहोर, भैसवाड़ा, कानिवाड़ा स्टेशन निर्धारित कर रखे हैं। इन स्टेशनों पर रेल्वे ने फाटकों की कमी को लेकर पुन सर्वे भी करवाया था। लेकिन पाली के सांसद पीपी चौधरी जो पेशे से कानूनविद्ध है। और तीसरी बार भी सांसद बनने के साथ साथ जिले में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ तीन-तीन मंत्री होते हुए भी फालना से जालौर रेल लाइन के लिए कोई विशेष उपलब्धि का अभी तक एक भी कार्य नही करवा सके है। लेकिन अब मारवाड़ गोड़वाड़ की जनता फिर मांग रही फालना से जालौर रेल मार्ग लगातार 18 दिन तखतगढ़ के दोनों व्यापार मंडलों संहित पाली जालौर वीडियो एवं गुजरात महाराष्ट्र के प्रवासियों द्वारा रोजाना भेजे गए मांग पत्रों के अनुसार समाचार प्रकाशित करता रहा। आखिर मामले को संज्ञान देते हुए कैबिनेट मंत्री कुमावत ने शुक्रवार को केंद्रीय रेल मंत्री के मुलाकात कर प्रस्ताव सोप है।


