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आबूरोड-आबूरोड नगर पालिका में सौर ऊर्जा प्रणाली की स्थापना में भ्रष्टाचार को आरोप लगा है। पूर्व पार्षद शमशाद अली अब्बासी ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर लगभग 75 लाख रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
अब्बासी के अनुसार, नगर पालिका कार्यालय सहित चार अलग-अलग स्थानों पर 25-25 किलोवाट क्षमता की ऑन-ग्रिड सौर ऊर्जा प्रणालियां स्थापित की गई हैं।आरटीआई दस्तावेजों के अध्ययन से पता चला है कि प्रत्येक परियोजना पर लगभग 24.99 लाख रुपये खर्च किए गए, जिससे चारों परियोजनाओं का कुल भुगतान एक करोड़ रुपये हुआ।
अब्बासी ने आरोप लगाया कि बाजार में उपलब्ध समान क्षमता वाली सौर ऊर्जा प्रणालियों की कीमतों की तुलना में यह लागत अत्यधिक है। उनका दावा है कि रिलायंस, टाटा और ल्यूमिनस जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के उपकरण सब्सिडी के साथ काफी कम कीमत पर उपलब्ध हैं। उनके आकलन के अनुसार, चारों परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 25 लाख रुपये होनी चाहिए थी, लेकिन नगर पालिका ने एक करोड़ रुपये खर्च किए, जिससे लगभग 75 लाख रुपये की वित्तीय हानि हुई।
एक निजी फर्म पर मिलीभगत का आरोप
अब्बासी ने इस मामले में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मगनदान चारण, निलंबित स्टोर कीपर प्रवीण सिंह चारण और अन्य संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों पर एक निजी फर्म के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कार्य के लिए कोई सार्वजनिक निविदा (टेंडर) प्रक्रिया नहीं अपनाई गई और न ही किसी समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित किया गया।
आरटीआई दस्तावेजों के अनुसार, यह कार्य जयपुर स्थित एकनिजी फर्म से कराया गया है। अब्बासी का आरोप है कि बिना किसी प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के इस फर्म को कार्य सौंपा गया और बाजार मूल्य से कई गुना अधिक राशि का भुगतान किया गया।
शमशाद अली अब्बासी ने इस संबंध में निदेशक, स्वायत्त शासन विभाग, कलेक्टर और उपखंड अधिकारी एवं प्रशासक नगर पालिका आबूरोड को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित कार्यों के रिकॉर्ड, भुगतान फाइलों एवं अन्य दस्तावेजों को सुरक्षित रखने और जब्त करने की मांग भी की है।


