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पाली-पाली में एक NRI ने कोर्ट के जरिए फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए सदर थाने में पूर्व सरपंच सहित चार जनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दरअसल, मुनेश पुरोहित (73) पुत्र हरिसिंह पुरोहित निवासी डी-85 गुलमोहर सिटी एक्सटेंशन डेरा बस्सी पंजाब संस्थापक मिलेनियम मानव सेवा चेरिटेबल ट्रस्ट हाल मादड़ी पाली ने रिपोर्ट दी।
जिसमें बताया कि ट्रस्ट की ओर से पाली जिले के सोडावासक्षेत्र स्थित खसरा संख्या 181 में लगभग 7 बीघा 1 बिस्वा भूमि खरीदी गई थी। भूमि की देखरेख के उद्देश्य से वर्ष 2009 में किशोर कुमार उपाध्याय को सीमित अधिकारों वाला पावर ऑफ अटॉर्नी (Power of Attorney) विशेष अधिकार-पत्र दिया गया था।
परिवादी का आरोप है कि उक्त पावर ऑफ अटॉर्नी (Power of Attorney) में केवल राजस्व अभिलेखों में नामांतरण, इंद्राज और खातेदारी दर्ज कराने के अधिकार दिए गए थे, जबकि भूमि बेचने, विक्रय पत्र निष्पादित करने अथवा बिक्री राशि प्राप्त करने का कोई अधिकार नहीं दिया गया था।
षडयंत्र रचकर पावर ऑफ अटॉर्नी से छेड़छाड़
परिवादी ने आरोप लगाया कि किशोर कुमार उपाध्याय, उनकी पत्नी, रमेश कुमार तथा किशोर कुमार ने षड्यंत्र के तहत पावर ऑफ अटॉर्नी (Power of Attorney) में कूटरचना कर बिक्री संबंधी अधिकार जोड़ दिए। इसके बाद उसी कथित फर्जी दस्तावेज के आधार पर ट्रस्ट की भूमि का विक्रय पत्र हेमलता के पक्ष में पंजीकृत कराया गया और ग्राम पंचायत सोडावास में उनके नाम म्यूटेशन भी दर्ज करा लिया गया।
परिवाद में कहा गया है कि ट्रस्ट की संपत्ति का विक्रय ट्रस्ट के प्रस्ताव एवं सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना ये संभव नहीं था। इसके बावजूद आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया और अब ट्रस्ट कीभूमि पर कब्जा जमाने का प्रयास कर रहे हैं।
ट्रस्ट की जमीन पर जाने से रोका
मुनेश कुमार पुरोहित का कहना है कि एक अक्टूबर 2025 को जब वह ट्रस्ट की भूमि पर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया। इसके बाद में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों से उन्हें 16 जनवरी को कथित फर्जी विक्रय पत्र एवं म्यूटेशन की जानकारी मिली। इस पर उन्होंने कोर्ट के जरिए मामला दर्ज करवाया।
NRI है मुनेश कुमार
पीड़ित मूल रूप से पाली जिले के रहने वाले है और दक्षिण अमेरिका के चिली में साल 2007 से रह रहे है और वहां के ही नागरिक है और एक्सपोर्ट बिजनेस से जुड़े हुए है।
सरपंच ने आरोपों को बताया निराधार
मामले में पूर्व सरपंच किशोर उपाध्याय का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार है। मुनेश कुमार उनसे करीब 22 लाख रुपए की धोखाधड़ी करके विदेश फरार हो गए थे।
मामले में उन्होंने मुकदमा भी दर्ज करवाया था। जिस पर मुनेश कुमार को जेल हुई थी। बाद में जमानत पर रिहा हुए। उस मुकदमे को भटकाने के उद्देश्य से यह झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस जांच में सबकुछ साफ हो जाएगा।


