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बाड़मेर ग्राम पंचायत गुड़ामालानी में पंचायत द्वारा अतिक्रमण मुक्त करवाई गई बेशकीमती आबादी जमीन पर भूमाफिया ने पंचायत के कर्मचारियों से मिलीभगत करते हुए सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर करवाकर 400 पट्टे बनवा लिए। पुरानी तारीखों में सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर और सील लगाकर पट्टे बनाए गए हैं।
सभी पट्टों को एक ही तारीख को रजिस्टर्ड करवाया गया। पंचायत की अतिक्रमण मुक्त जमीन पर आनन फानन में हो रहे कब्जों को लेकर जब सरपंच अनुराधा शर्मा और उनके ससुर सरपंच प्रतिनिधि दिनेश शर्मा ने विरोध किया तब उनको फर्जी पट्टों की जानकारी मिली।
इस पर सरपंच प्रतिनिधि ने सभी दस्तावेजों के साथ गुड़ामालानी थाने में ग्राम सहायक सहित 59 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। इसके साथ ही खाली जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को रुकवाने की मांग की।

ग्राम पंचायत गुड़ामालानी में वर्ष 2021 में प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत शिविर लगाया। उस दौरान तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी की मौत हो जाने के कारण दूसरे ग्राम विकास अधिकारी को चार्ज दिया गया। इस दौरान वीडीओ चांदाराम और ग्राम सहायक रघु चौधरी ने शिविर में पट्टे के लिए आने वाले दस्तावेजों की जांच की। 2 अक्टूबर से 17 दिसंबर 2021 तक चले इस अभियान के दौरान इन अधिकारियों ने सरपंच की फर्जी सील तैयार की। अलग अलग पट्टा बुकों में से 400 लोगों को फर्जी पट्टों का वितरण किया। इसके साथ ही फर्जी पट्टों को अभियान की आखिरी तारीख 17 दिसम्बर 2021 को तैयार किया गया। इस दौरान नियम 157 (2) का पट्टा जारी किया गया। इस अभियान के दौरान 2700 वर्ग फिट तक पट्टा देने का अधिकार दिया गया था। लेकिन अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर 98 हजार और उससे अधिक वर्ग फिट क्षेत्रफल के पट्टे जारी कर दिए। वर्ष 2024 में ग्राम पंचायत के नगरपरिषद में बदलने के साथ ही इस अतिक्रमण मुक्त जमीन पर आनन फानन में अतिक्रमण होने लगा। इस पर सरपंच और सरपंच प्रतिनिधि द्वारा जांच करने पर पट्टों में सरपंच की फर्जी सील और हस्ताक्षर किए हुए मिले।
प्रशासन गांवों के संग अभियान में अलग-अलग बुकों से जारी करवाए पट्टे
अब कब्जे होने लगे तो खुला फर्जीवाड़ा
गुड़ामालानी पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि खसरा संख्या 1881/1683,1675, 1349/3 व अन्य खसरों को ग्राम पंचायत ने वर्ष 2012-13 में अतिक्रमण मुक्त करवाया था। उसके बाद से आज दिन तक यह जमीन खाली पड़ी रही और उस पर पंचायत का स्वामित्व था। उसी जमीन पर भूमाफिया द्वारा फर्जी पट्टे तैयार करवा लिए और अब कब्जा किया जा रहा है। एक ही तारीख में सैकड़ों पट्टे अलग-अलग बुकों से तैयार किए गए थे और सभी पट्टों का देर रात तक पंजीयन भी करवाया गया।
2024 में भूखंड खरीदा उसी के नाम 2021 में पट्टा बना दिए
भूमाफिया ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के साथ साथ पट्टे बनाने में भी काफी धांधली की है। गांव में शंकरलाल और हरींगाराम ने इंद्रसिंह से 2024 में इकरारनामे से प्लॉट खरीदा और प्लॉट खरीदने के बाद विवाद के चलते उस भूखंड पर स्टे भी लिया गया। लेकिन भूमाफिया ने सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर करवाकर वर्ष 2021 की बैकडेट में शंकरलाल, हरींगाराम और उसके परिवार के चार पट्टे बनवा दिए।
ग्राम पंचायत ने वर्ष 2012-13 में गांव में अतिक्रमण की गई आबादी जमीन पर अतिक्रमण मुक्त करवाया था। लेकिन प्रशासन गांवों के संग अभियान के दौरान ग्राम विकासअधिकारी और ग्राम सहायक ने सांठ गांठ कर सरपंच की फर्जी सील लगाकर भूमाफिया को पट्टे दे दिए। अब 59 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। -दिनेश शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत गुड़ामालानी।
वर्ष 2021 में प्रशासन गांवों के संग अभियान के दौरान मैंने शिविर में पट्टे दिए थे। पट्टों को कमेटी से दिखवाकर ही दिए थे। सरपंच द्वारा किए गए मुकदमे के संबंध में मुझे अभी तक कोई जानकारी नहीं है। चांदाराम, बीडीओ।
प्रशासन गांवों के संग अभियान के दौरान फर्जी पट्टों के संबंध में जानकारी तो मिली है लेकिन अभी तक कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं मिले हैं। उसके दस्तावेज मिलेंगे तो उच्चाधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई की जाएगी। नवलाराम, बीडीओ, पंचायत समिति गुड़ामालानी।


