
PALI SIROHI ONLINE
उदयपुर-उदयपुर और राजसमंद में पुलिस कस्टडी में ज्वेलर्स की मौत के मामले में सोमवार को उदयपुर में सोनी समाज ने प्रदर्शन किया और ज्ञापन देकर केंद्र सरकार से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 411 में संशोधन करने की मांग की।
क्षत्रिय मेढ़ स्वर्णकार समाज संस्था उदयपुर संभाग के अध्यक्ष ओंकार लाल सोनी ने बताया कि धारा 411 में संशोधन किया जाए। हमारे समाज के ज्वेलर व्यापारी को इस धारा में उलझाया जाता है और पुलिस चोर के कहने पर उसे पकड़ कर ले आती है। महाराष्ट्र में तो पुलिस किसी ज्वेलर को लेकर आती है तो पहले संबंधित समाज के पदाधिकारियों को बुलाया जाता है और उसके बाद पूरा प्रोसेज किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे कोई व्यापारी चोरी का माल लेता ही नहीं है।
संभागीय महासचिव विश्वशंकर स्वर्णकार ने बताया कि चोर के बयानों के बाद पुलिस हमारे ज्वेलर्स को उठाकर ले जाती है और ऋषभदेव और कांकरोली में ज्वेलर की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों उदयपुर के ऋषभदेव थाना क्षेत्र में डूंगरपुर के बिछीवाड़ा निवासी सुरेश पंचाल (55) को पूछताछ के लिए ऋषभदेव थाने लाया गया था। थाने में उसकी तबीयत खराब हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई थी। इसी प्रकार राजसमंद में भी एक ज्वेलर को थाने बुलाया और उसकी तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। इन दोनों घटनाओं को लेकर समाज में रोष है।
उन्होंने बताया कि आए दिन पुलिस चोरों को पकड़ने के बाद माल बेचने के आरोप में हमारे ज्वेलर्स को उठाकर ले जाती है। बाद में कलेक्टर और एसपी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जिसमें अपनी मांगों को रखा गया।
समझे धारा 411 को
उदयपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता मनीष शर्मा ने बताया कि इस धारा के तहत जो कोई किसी चुराई हुई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करता है या अपने पास रखता है, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह चोरी की हुई संपत्ति संबंधित है। शर्मा ने बताया कि इस धारा के तहत किसी एक अवधि के लिए कारावास से, जिसे तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाने का प्रावधान है।
चामुंडेरी हर घर तिंरगा अभियान