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खीमाराम मेवाडा
52 वर्षों से एससी-एसटी को पालिकाध्यक्ष बनने का अवसर नही देने के मामले ने पकडा तूल
अध्यक्ष पद पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षण नहीं होने की जांच कर नियमानुसार रोटेशन व्यवस्था लागू करने की उठाई मांग
राज्य निर्वाचन आयोग जिला निर्वाचन अधिकारी सहित रिटर्निंग अधिकारी को भेजा पत्र
तखतगढ़ 30 जुलाई (खीमाराम मेवाडा) वर्ष 1974 में ग्राम पंचायत से नगरपालिका में क्रमोन्नत हुए तखतगढ़ नगर में पिछले लगभग 52 वर्षों के नगरीय निकाय चुनावों के इतिहास को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल खडे होने लगे है। साथ ही नगरपालिका गठन के बाद से आज तक एक भी बार पालिकाध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति (एससी) अथवा अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित नहीं किया गया। जो अब आगामी महिनो मे होने वाले नगर पालिका चुनावो की तैयारी से पूर्व मामला तूल पकडने लगा है। भंवर लाल मीना पूर्व नगर अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी तखतगढ एव निवर्तमान पार्षद तथा विक्रम कुमार खटीक निवर्तमान पार्षद नगर पालिका तखतगढ ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर पाली के जरिए राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयुक्त सहित उपखंड अधिकारी एवं रिटर्निंग अधिकारी सुमेरपुर के समक्ष शिकायत पत्र भेजकर संपूर्ण मामले की जांच कर नियमानुसार रोटेशन व्यवस्था लागू करने की मांग करते हुए अवगत कराया की तखतगढ़ नगर वर्ष 1974 में ग्राम पंचायत से नगरपालिका में क्रमोन्नत हुई थी। नगरपालिका गठन के उपरांत अब तक हुए नगरीय निकाय चुनावों के दौरान उपलब्ध जानकारी के अनुसार पालिकाध्यक्ष का पद एक भी बार अनुसूचित जाति (एससी) अथवा अनुसूचित जनजाति एसटी वर्ग के लिए आरक्षित नहीं हुआ है। यदि यह तथ्य सरकारी अभिलेखों से भी सही पाया जाता है। तो यह सामाजिक न्याय, समान प्रतिनिधित्व तथा आरक्षण की रोटेशन व्यवस्था के संबंध में गंभीर विचारणीय विषय है।
जबकी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243T तथा राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के अनुसार नगरीय निकायों में आरक्षण का निर्धारण विधि सम्मत रोटेशन प्रणाली के आधार पर किया जाता है। ताकि सभी पात्र वर्गों को समय-समय पर प्रतिनिधित्व का अवसर प्राप्त हो सके। कानून का समान एवं निष्पक्ष अनुपालन लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल आधार है। अत:
तखतगढ़ नगर पालिका में वर्ष 1974 से अब तक हुए सभी पालिकाध्यक्ष पदों के आरक्षण का संपूर्ण रिकॉर्ड उपलब्ध करवाया जाए।
और यह जांच कराई जाए कि अब तक एससी एवं एसटी वर्ग के लिए पालिकाध्यक्ष पद आरक्षित क्यों नहीं हुआ। अगर यदि रोटेशन व्यवस्था के पालन में किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति पाई जाती है। तो उसका निराकरण नियमानुसार किया जाए। और आगामी नगरीय निकाय चुनावों में पालिकाध्यक्ष पद का आरक्षण संविधान, राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 तथा लागू नियमों के अनुरूप निष्पक्ष एवं पारदर्शी रोटेशन व्यवस्था के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। तथा इस प्रार्थना-पत्र पर की गई कार्रवाई से मुझे नियमानुसार अवगत कराने का कष्ट करें। हमे पूर्ण विश्वास है कि लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय एवं कानून के समान अनुपालन की भावना को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर निष्पक्ष जांच कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

