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खीमाराम मेवाडा
नगर मे भारी वाहनो के आवागमन बंद करने को लेकर केबिनेट मंत्री को सौपा ज्ञापन
टोल बचाने के चक्कर में तखतगढ़ की करोड़ों की सड़कें हो रही बर्बाद!
बजरी से भरे डम्पर-ट्रेलरों पर तत्काल रोक लगाए नगरपालिका प्रशासन — हादसा हुआ तो जिम्मेदार
बाईपास अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है
तखतगढ 30 जुलाई (खीमाराम मेवाडा ) तखतगढ नगर मे बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार के कारण कस्बे में यातायात का लगातार अतिभारी बढ़ता दबाव के साथ मुख्य चक्की गली, राजपुरा रोड नाग चौक जैसी संकरी सड़कों और बाजार क्षेत्र में दिनभर जाम की स्थिति को लेकर लंबे समय से अति भारी वाहनो पर रोक लगाने एव बाईपास सड़क की मांग उठाई जा रही है। ताकि भारी वाहनों को कस्बे के बाहर से निकाला जा सके।
पीछले महिनो राजस्थान विधानसभा में पेश हुए बजट को सरकार भले ही ‘विकसित राजस्थान 2047’ की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही हो लेकिन सुमेरपुर उपखंड एव तखतगढ़ कस्बे के लिए यह बजट निराशा और उपेक्षा का शिकार बन चूका है।जबकी पूर्व मे कई बार मुख्य बाजार में कई घटनाए देखने को मिली है। जिस को लेकर लगातार नगरवासीयो एव राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों के जनप्रतिनिधियो द्वारा पूर्व में भी गई मांग उठाई गई। जिस का अब तक कोई समाधान नही निकल पाया। गुरुवार को तखतगढ दौरे पर रहे कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को निवर्तमान पार्षद प्रतिनिधि एव एडवोकेट मुकेश कुमार सुथार ने चक्कीगली से भारी वाहनों का आवागमन बन्द करवाने की मांग करते हुए फिर शिकायत पेश कर अवगत की चक्की गली तखतगढ नगर कि मुख्य रहवासी गली है।
जहा पर सेकडों परिवार निवास करते हैं परन्तु बढ़ती आबादी के चलते लंब समय से अत्यधिक भारी वाहनों का आवागमन बढ गया हैं जिससे बडे ट्रोले व मार्बल के बडे-बडे स्टोन का लेकर जाने वाले ट्रोले शामिल हैं। भारी वाहनों के आवागमन होने से दिन में कई बार चक्की गली में भारी ट्राफिक जाम होता है व यातायात व्यवस्था बाधित होती हैं व आमजन को समस्या होती हैं व भारी वाहनो के आवागमन से चक्कीगली का मुख्य सडक व पेयजल पाईपलाईन व विधुत लाईने बार-बार क्षतिग्रस्त होने से सरकारी संपत्तियों का नुकसान भी होता हैं व भारीवाहनों के आवागमन से चक्कीगली मे किसी भी वक्त कोई बडा हादसा होने का डर रहता हैं।अतः चक्की गली के आमजन के हित को ध्यान में रखते हुए उक्त विषय पर संज्ञान लेकर भारी वाहनों के आवागमन का पूर्णरूप से बंद करावें। जिस पर मंत्री कुमावत ने उपखंड अधिकारी एव सीओ सुमेरपुर को कार्यवाई के आदेश दिए है।
टोल बचाने के चक्कर में तखतगढ़ की करोड़ों की सड़कें बर्बाद!
नगरवासीयो एव प्रबुद्धजनो का तखतगढ़ नगरपालिका प्रशासन एव उपखंड प्रशासन से अब सिर्फ आग्रह नहीं, बल्कि स्पष्ट मांग है कि कस्बे के गौरव पथ, नाग चौक होते हुए राजपुरा- कोसेलाव मार्ग की ओर लगातार दौड़ रहे बजरी से भरे अति भारी डम्पर एवं बड़े-बड़े ट्रेलरों के शहरी क्षेत्र में प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
जो टोल की कुछ राशि बचाने के लिए भारी वाहनों द्वारा हल्के वाहनों के लिए बनाए गए शहरी मार्गों का इस्तेमाल किया जाना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। इन वाहनों के भारी वजन के कारण जगह-जगह सड़कें और पुलियाएं धंस रही हैं तथा करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है। सवाल यह है कि जब इन सड़कों की क्षमता सीमित है तो आखिर इन अति भारी वाहनों को शहर के बीच से गुजरने की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? शहरी क्षेत्र में दिनभर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, पैदल राहगीरों और दुपहिया वाहन चालकों की आवाजाही रहती है। ऐसे में बजरी से लदे भारी डम्पर और ट्रेलर कभी भी जानलेवा हादसे का कारण बन सकते हैं।
सरकारी सड़कें कोई निजी मालवाहक कॉरिडोर नहीं हैं
पालिका और संबंधित विभाग को यह समझना होगा कि जनता के टैक्स से बनी सड़कें किसी के टोल बचाने का माध्यम नहीं हैं। यदि भारी वाहन निर्धारित मार्ग और नियमों की अनदेखी कर शहरी सड़कों का इस्तेमाल कर रहे हैं तो जिम्मेदार विभागों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रशासन से मांग है कि—
शहरी क्षेत्र में अति भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए। भारी वाहनों के लिए निर्धारित वैकल्पिक मार्ग पर ही परिवहन सुनिश्चित कराया जाए।
नियमों का उल्लंघन करने वाले डम्पर एवं ट्रेलरों पर सख्त कार्रवाई की जाए। क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलियाओं का तत्काल निरीक्षण करवाकर मरम्मत करवाई जाए।
यातायात एवं परिवहन विभाग द्वारा नियमित निगरानी एवं चेकिंग करवाई जाए। प्रशासन यह भी स्पष्ट करे कि यदि इन भारी वाहनों के कारण कोई बड़ा हादसा होता है या सड़क-पुलिया धंसने से जनहानि होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
हादसे के बाद जागने से बेहतर है कि प्रशासन जल्द जागे। तखतगढ़ की जनता की सुरक्षा और करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को बचाने के लिए अब तत्काल कठोर कार्रवाई जरूरी है।
बाईपास अत्यंत महत्वपूर्ण
मामले को लेकर स्थानीय नगरशासीयो का कहना है। की नगर की आबादी क्षेत्र मे बाईपास के अभाव मे बिगड़ती यातायात व्यवस्था एव दुरघटनाओ मे कमी लाने के लिए बाईपास जैसे विकास कार्य जरूर होने चाहिए पब्लिक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारा तो सरकार से यही निवेदन है। की धवलिया चौकी से नेशनल हाइवे 325 तक बाईपास होना चाहिए और हाईवे के फालना रोड की तरफ पूर्व में प्रस्तावित चार पुलियो का भी निर्माण भी होना चाहिए ताकि बरसाती पानी का अपने आप निकाल हो जाए। और आम जनता को सुकून मिले हमे पूर्ण विश्वास है कि मुद्दे पर हमारै कैबिनेट मंत्री जरूर सज्ञान लेंगे




