• Local News
  • सांडेराव बस स्टैंड पर विकास के नाम पर विनाश: मुख्य मार्ग का फुटपाथ टूटा, राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर, जिम्मेदार मौन
Pali Sirohi Online News by Pintu Agarwal
  • Local
  • Politics
No Result
View All Result
  • Local
  • Politics
No Result
View All Result
Pali Sirohi Online News by Pintu Agarwal
No Result
View All Result

तखतगढ-उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय पर पहचान एवं रेफरल से मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में लाई जा सकती है प्रभावी कमी डॉ. चुण्डावत

Pintu Aggarwal by Pintu Aggarwal
July 18, 2026
in Local
0
तखतगढ-उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय पर पहचान एवं रेफरल से मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में लाई जा सकती है प्रभावी कमी डॉ. चुण्डावत

PALI SIROHI ONLINE

खीमाराम मेवाडा

उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय पर पहचान एवं रेफरल से मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में लाई जा सकती है प्रभावी कमी
डॉ. चुण्डावत


  • तखतगढ 18 जुलाई (खीमाराम मेवाडा) प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की समय पर स्क्रीनिंग, जोखिम वर्गीकरण, क्लीनिकल मॉनिटरिंग तथा समयबद्ध रेफरल के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने हेतु हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विकास मारवाल के निर्देशन एवं जिला प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विजेंद्र सिंह चुण्डावत जिला कार्यक्रम अधिकारी भवानी सिंह के मार्गदर्शन मे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुरक्षित मातृत्व के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
  • इस विशेष अभियान के सफलतम क्रियान्वयन संदर्भ मे ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोविन्द सिंह चुण्डावत ने बताया कि मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) एवं नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) में कमी लाने के लिए प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रथम तिमाही में पंजीकरण, न्यूनतम चार गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), आवश्यक प्रयोगशाला जांच, अल्ट्रासोनोग्राफी तथा जोखिम आधारित फॉलोअप अत्यंत आवश्यक है।

  • उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप (बी.पी.), गर्भकालीन मधुमेह, गंभीर एनीमिया, गर्भावस्था में रक्तस्राव (एपीएच), हाइपोथायरायडिज्म, टीबी, हेपेटाइटिस-बी, एचआईवी, सिफिलिस, आरएच नेगेटिव रक्त समूह, किशोरावस्था अथवा 35 वर्ष से अधिक आयु में गर्भधारण, जुड़वा गर्भ, भ्रूण की असामान्य हृदय गति (एफएचआर), पूर्व सीजेरियन अथवा जटिल प्रसव का इतिहास, प्री-एक्लेम्पसिया एवं एक्लेम्पसिया जैसी स्थितियों में गर्भवती महिला को उच्च जोखिम गर्भावस्था के रूप में चिन्हित कर विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाता है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, उचित उपचार एवं संस्थागत प्रसव से अधिकांश प्रसूति जटिलताओं को रोका जा सकता है। सभी गर्भवती महिलाओं को निर्धारित समय पर एएनसी जांच, हीमोग्लोबिन, बी.पी., रक्त शर्करा, मूत्र जांच, अल्ट्रासाउंड एवं अन्य आवश्यक जांच अवश्य करवानी चाहिए।

  • ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार गिरी ने बताया कि ब्लॉक सुमेरपुर में फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर यथा आशा, एएनएम सीएचओ एवं चिकित्सा विभाग की टीमों द्वारा गर्भवती महिलाओं की लाइन लिस्टिंग, एचआरपी टैगिंग, नियमित होम विजिट, फॉलोअप, जोखिम मूल्यांकन, रेफरल एवं डिजिटल रिकॉर्ड संधारण किया जा रहा है। प्रत्येक उच्च जोखिम गर्भवती महिला के लिए बर्थ प्रिपेयर्डनेस प्लान तैयार कर उसकी सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रत्येक माह विशेष एएनसी क्लीनिक आयोजित किए जाते हैं, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच, परामर्श एवं आवश्यकतानुसार रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। गर्भवती महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड, कैल्शियम सप्लीमेंटेशन, टीकाकरण, पोषण परामर्श तथा सुरक्षित प्रसव की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की जा रही है।

  • वरिष्ठ तकनीकी सहायक बिंजा राम मीणा ने बताया कि उच्च जोखिम गर्भवतियों की पहचान के पश्चात डेटा वैलिडेशन, लाइन लिस्ट अपडेट, एचएमआईएस एवं आरसीएच पोर्टल पर नियमित प्रविष्टि, जोखिम आधारित मॉनिटरिंग तथा रेफरल अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रत्येक चिन्हित गर्भवती का समय-समय पर फॉलोअप कर आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर किया जाता है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु के जोखिम को कम किया जा सके।
  • अंत में डॉ. गोविन्द सिंह चुण्डावत ने कहा कि “समय पर स्क्रीनिंग, नियमित एएनसी जांच, समय पर रेफरल एवं संस्थागत प्रसव ही सुरक्षित मातृत्व की सबसे प्रभावी रणनीति है। प्रत्येक गर्भवती महिला की सुरक्षित डिलीवरी एवं स्वस्थ नवजात चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन मे उपखण्ड क्षेत्र के समस्त चिकित्सा अधिकारी नर्सिंग ऑफिसर सीएचओ एएनएम लैब टेक्निशियन फरमाशिष्ट आशा सहयोगिनी सहित ब्लॉक कंट्रोल रूम मे इमरान खान मोहित कुमार प्रवीणा कुमारी खुशबु सिंह रौनक़ कुमार केनाराम सहित अन्य कार्मिकों ने अपना अमूल्य योगदान देकर सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम को सफलता प्रदान किये l
Previous Post

पिंडवाड़ा में विशेष लोक अदालत से मिली राहत, 29 मामलों में 52.63 लाख रुपये के अवार्ड हुए पारित

Next Post

पाली जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन की अध्यक्षता में सीएलजी की बैठक आयोजित

Next Post
पाली जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन की अध्यक्षता में सीएलजी की बैठक आयोजित

पाली जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन की अध्यक्षता में सीएलजी की बैठक आयोजित

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

You cannot copy content of this page