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खीमाराम मेवाडा
पालिका के कामकाज में ‘अध्यक्षा पति’ के हस्तक्षेप पर रोक की मांग
पार्षद भंवर मीना ने मंगलवार को जिला कलक्टर पाली को दिया आवेदन
तखतगढ 6 अक्टूबर (खीमाराम मेवाडा) तखतगढ़ नगर पालिका तखतगढ़ के नवगठित बोर्ड के गठन के बाद पालिका के कार्यालयीन एवं प्रशासनिक कार्यों में निर्वाचित अध्यक्षा के पति अथवा किसी अन्य अनधिकृत व्यक्ति के हस्तक्षेप को रोकने की मांग उठी है। मंगलवार को पार्षद भंवर मीना ने जिला कलक्टर, पाली के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर नगरपालिका की शासकीय पत्रावलियों एवं अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट प्रशासनिक व्यवस्था एवं लिखित निर्देश जारी करने की मांग की है।
आवेदन में भंवर मीना ने कहा कि तखतगढ़ नगरपालिका बोर्ड का गठन 21 सितंबर 2026 को हुआ है। नगरपालिका एक वैधानिक स्थानीय निकाय है। इसलिए इसके कार्यालयीन एवं प्रशासनिक कार्य निर्धारित कानून एवं नियमों के अनुसार अधिकृत निर्वाचित पदाधिकारियों तथा अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा ही संचालित किए जाने चाहिए। उन्होंने यहभी मांग की है। कि अध्यक्षा के पति मनोज नामा अथवा किसी भी गैर-निर्वाचित व्यक्ति को अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश देने, शासकीय फाइलों का अवलोकन करने अथवा प्रशासनिक निर्णयों को प्रभावित करने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए।
‘फाइल निजी आवास तक न पहुंचे’
पार्षद ने नगरपालिका की मूल पत्रावलियों, फाइलों, रजिस्टरों एवं अन्य शासकीय अभिलेखों को कार्यालय से बाहर, विशेषकर किसी निजी आवास पर ले जाने की व्यवस्था पर भी स्पष्ट रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी अपरिहार्य प्रशासनिक आवश्यकता के कारण फाइल कार्यालय से बाहर ले जाना जरूरी हो तो सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति और फाइल- मूवमेंट रजिस्टर में पूरा विवरण दर्ज करना अनिवार्य किया जाए।
मीना ने आवेदन में राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 48 एवं धारा 49(1) का हवाला देते हुए नगरपालिका के अभिलेखों की सुरक्षित अभिरक्षा तथा वैधानिक कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने की मांग की है।
‘किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ जांच नहीं’
भंवर मीना ने स्पष्ट किया कि उनका आवेदन किसी व्यक्ति के विरुद्ध पूर्व घटना की जांच कराने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार के अनधिकृत हस्तक्षेप को रोकने और नगरपालिका की गरिमा एवं पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से दिया गया है।
उन्होंने जिला कलक्टर से पालिका प्रशासन को स्पष्ट लिखित निर्देश जारी करने तथा उच्च स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि उप निदेशक, स्थानीय निकाय विभाग (DDR), जोधपुर संभाग तथा निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव, स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान, जयपुर को भी भेजी गई है।





