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खीमाराम मेवाडा
रामदेवजी मंदिर में श्री श्री 1008 संत की प्रथम वर्षी पर दो दिवसीय महोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्पन्नसमाराेह में मुख्य अतिथि हरिशंकर मेवाड़ा ने शिरकत की, कहा संत हमेशा समाज का मार्गदर्शन करते हैं, उनके बताए मार्ग पर चलें
तखतगढ 1 अगस्त;(खीमाराम मेवाडा) उपखंड के बाला गांव के कासोलियाव नाडा स्थित रामदेवजी मंदिर पर श्री श्री 1008 संत मोहनदास महाराज की प्रथम वर्षी पर दो दिवसीय महोत्सव हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। सवेरे बाबा रामदेवजी की पुजा अर्चना की गई। महाराज की समाधि पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। गाजे-बाजे के साथ मंदिर पर नेजा चढ़ाई गई। लापसी का भाेग लगाकर प्रसादी भक्ताें में वितरित की गई। सैकड़ों श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचकर इस आयोजन में शामिल हुए और संत की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की। समाराेह में पहुंचे मुख्य अतिथि कांग्रेस विधानसभा सुमेरपुर प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा, जिला कांग्रेस पूर्व सचिव मुकेश बाराेलिया व पूर्व डीएमएफटी सदस्य रतन पूरी का अायाेजकाें द्वारा ढाेल ढमाकाें के साथ माला व साफा पहनाकर बहुमान किया। अतिथियाें ने बाबा रामदेव व संत की समाधि पर मत्था टेक क्षेत्र में खुशहाली की कामना की। समाराेह काे संबाेधित करते हुए मुख्य अतिथि हरिशंकर मेवाड़ा ने कहा कि संत श्री श्री 1008 माेहनदास महाराज का जीवन समर्पण, सेवा और साधना का प्रतीक रहा है। उनकी भक्ति व तप का ही प्रताप है कि आज उनकी प्रथम वर्षी पर हम सब यहां एकजुट होकर श्रद्धा भाव से उनके द्वारा किए गए परोपकार के कार्यों को लेकर उन्हें स्मरण कर रहे हैं। संत का जीवन हमेशा समाज को मार्गदर्शन देता है। उनके बताए मार्ग पर चलें ताे अपना जीवन सफल हाे जाता हैं। संत के अनुयायियों ने उनके बताए गए आध्यात्मिक मार्ग को अपनाने का संकल्प लिया और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
भजनाें में गाई गुरू व गाेविंद की महिमा
इससे पूर्व संध्या पर एक भजन संध्या अायाेजित हुई। जिसमें कलाकाराें ने भजनाें के माध्यम से बाबा रामदेव व संताे की महिमाअाें का बखान किया। भजन संध्या में गायक कलाकार भंवरु खान, मोहनलाल प्रजापत, कन्हैयालाल प्रजापत अादि ने एक से बढ़कर एक भजनाें की प्रस्तुतियां देकर श्राेताअाें काे भाेर तक बांधे रखा। भजन संध्या का शुभारंभ गणपति व गुरू वंदना से किया गया। भजनाें के माध्यम से कलाकाराें ने गाेविंद व गुरू की भक्ति करने व सुखी जीवन जीने का संदेश दिया। समाराेह में ग्रामीण पीराराम, ताराराम, सवाराम, भेराराम, दीपाराम, भंवरलाल, बंसीलाल, दिनेश मीणा, रमेश कुमार, भरत बाला समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन माैजूद रहें।