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खीमाराम मेवाडा
तखतगढ निकाय चुनावी सभा मे 25 वर्षो से जंग फुक रही स्वीकृति के अभाव मे फालना से जालोर रेल परियोजना को शुरू करने की उठाई मांग
पूर्व पार्षद सहित नगरवासीयो ने केबिनेट मंत्री एव सांसद पीपी चौधरी को सौपा ज्ञापन
तखतगढ 7 सितम्बर (खीमाराम मेवाडा) पिछले 25 वर्षों से फालना से वाया तखतगढ़ होकर जालोर के बीच रेल मार्ग स्वीकृति के अभाव में अटका परियोजना की फाइल जंग फुक रही हे। जबकी इस रेल मार्ग का रेल मंत्री के गृह जिले में दो बार सर्वे के बाद भी स्वीकृति के अभाव में फालना से जालोर रेल मार्ग जिले में तीन-तीन मंत्री और सबसे बड़े पद पर जिले के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय विधि मंत्री रह चुके पीपी चौधरी को एक फिर
ध्यान आकर्षित करते हुए सोमवार को तखतगढ के वार्ड नंबर 5 मे निकाय चुनावी सभा को संबोधित करने पहुचे पाली सांसद पीपी चौधरी अध्यक्ष, संसदीय स्थायी समिति, विदेश मामले एव केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के मार्फत केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी कुमार वैष्णव के नाम न.पा. कै पूर्व पार्षद एव पर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष देवाराम चौधरी सहित सैकड़ो नगर वासीयो ने हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सौंपकर 24 वर्षो से अटकी पडी फालना से वाया तखतगढ जालोर रेल परियोजना को शुरू करने की पुरजोर मांग उठाई है। ज्ञापन मे बताया गया कि फालना- से जालोर रेल मार्ग की बहुप्रतीक्षित परियोजना लंबे समय से लंबित है। इस रेल मार्ग के निर्माण से पाली एवं जालोर जिलों के हजारों नागरिकों को आवागमन की बेहतर सुविधा प्राप्त होने के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक व औद्योगिक विकास भी गति पकड़ेगा
बजट स्वीकृति के अभाव मे आगे नही बढ सकी परियोजना
ज्ञापन मे बताया गया कि जालौर-सिरोही के तत्कालीन सांसद एवं रेल मंत्री बंगारू लक्ष्मण द्वारा 3 अक्टूबर वर्ष 2001 मे फालना से जालोर रेलवे लाइन के लिए सर्वे करवाया गया था। हालांकि,बजट की स्वीकृति नहीं मिल पाने के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी और क्षेत्रवासियों का 25 वर्षों पुराना सपना अधूरा रह गया। फालना से रेल संपर्क स्थापित होने के पश्चात जिलेवासियों को दक्षिण भारत सहित अन्य प्रमुख स्थानों के लिए पर्याप्त रेल सेवाएं मिलने की उम्मीद है।
यह प्रस्तावित किए गए थे रेल्वे स्टेशन
पत्र मे बताया कि रेल सफर को सुगम बनाने के उद्द्देश्य से जालोर फालना रेल लाइन के सर्वे के तहत कानीवाडा, भैंसवाड़ा,आहोर,गंगावा, उम्मेदपुर,बेदाना, तखतगढ़,दुजाना एवं सांडेराव में रेलवे स्टेशन प्रस्तावित किए गए थे। किंतु राजनीतिक पहल के अभाव में यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। इस सर्वे के लिए लगभग 17 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी। और दिसंबर 2012 में इस रेल लाइन का पुनः सर्वे किया गया तथा रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग द्वारा इस रेल लाइन के लिए 459.26 करोड़ रुपये की परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रेलवे मुख्यालय को भेजी गई। इसके पश्चात विभिन्न स्तरों पर जांच एवं परीक्षण किए गए,लेकिन इसके उपरांत परियोजना को वित्तीय स्वीकृति प्राप्त नहीं हो सकी।
2014 में रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने इस परियोजना का पुनरीक्षित सर्वे भी किया
पत्र मे यह भी बताया गया कि वर्ष 2012 में इस परियोजना रिपोर्ट रेलवे मुख्यालय को भेजने के बाद फरवरी 2014 में रेलवे की इंजीनियरिंग टीम द्वारा इस परियोजना का पुनरीक्षित सर्वे किया गया। भूमि लागत में अंतर आने के कारण परियोजना की अनुमानित लागत 459 करोड़ रुपये से घटकर लगभग 390 करोड़ रुपये आंकी गई थी। उक्त पुनरीक्षित परियोजना रिपोर्ट भी रेलवे मुख्यालय को भेजी गई, जो वर्तमान में वित्तीय स्वीकृति की प्रतीक्षा में है। जब-जब इस रेल लाइन का सर्वे हुआ, तब-तब प्रदेश के प्रमुख समाचार पत्रों में भी इस संबंध में समाचार प्रमुखता से प्रकाशित हुए। आपके रेल मंत्री बनने के पश्चात 3 अक्टूबर 2021 को प्रथम बार सुमेरपुर आगमन के अवसर पर सुमेरपुर क्षेत्रवासियों की ओर से स्थानीय विधायक जोराराम कुमावत द्वारा फालना-जालोर रेल लाइन की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में ज्ञापन भी सौंपा गया था।
लेकिन जालोर-फालना रेल लाइन की योजना पिछले काफी समय यानी 25 वषोॅ से लंबित है। प्रदेश सहित दक्षिणी राज्यों में ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है। क्षेत्र के अनेक लोग व्यवसाय एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए गुजरात तथा दक्षिणी राज्यों में आवागमन करते हैं। ब्रॉडगेज का कार्य पूरा होने के बाद यात्री रेलगाड़ियों का संचालन तो प्रारंभ हो गया है। लेकिन अहमदाबाद सहित दक्षिणी राज्यों को जोड़ने वाली नियमित रेल सेवाओं का अभाव है। जिससे जिलेवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दूसरी ओर, फालना होकर दक्षिणी राज्यों के लिए बड़ी संख्या में यात्री रेलगाड़ियों का संचालन हो रहा है। ऐसे में यदि इस परियोजना को वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर जालोर को फालना से जोड़ दिया जाता है. तो फालना एवं जालोर दोनों ही महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन के रूप में विकसित हो सकते हैं। साथ ही इस रेल मार्ग के निर्माण से यात्री रेल गाड़ियों की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ यात्री सुविधाओं का भी विस्तार होगा। जबकि रेल लाइन के सर्वे एवं परियोजना संबंधी सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। ऐसे मे पाली एवं जालोर जिले वासियों को केवल उम्मीद ही नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है। कि आपके स्तर से इस महत्वपूर्ण रेलवे परियोजना को वित्तीय स्वीकृति दिलाने के लिए आवश्यक सकारात्मक पहल की जरूरतहै।। महत्वाकांक्षी एवं जनहितकारी रेल परियोजना को शीघ्र स्वीकृति दिलाकर पाली एवं जालोर जिलेवासियों को अनुग्रहित करने की कृपा करें।
पिछले वर्ष यह उठा चुके हैं मांग
25 वर्षों से प्रस्तावित जालौर फालना नई रेल लाइन कनेक्टीवी को लेकर 17 जून से जुलाई 2025 तक तखतगढ़ व्यापार एवं उद्योग मंडल और व्यापार संघ तखतगढ़ एव राजस्थानी प्रवासी 36 कोम परिवर्तन सेवा संस्था कार्यक्षेत्र वसई महाराष्ट्र के प्रवासियों, वसई के ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन, मेवाड एकता फाउंडेशन (रजि) महाराष्ट्र मुंबई, पाली के जनसेवा फाउण्डेशन के संस्थापक सत्य प्रकाश पटेल, श्री राजस्थान कुमावत ज्ञाति सेवा समिति सोला रणुजा अहमदाबाद के पदाधिकारीयो सहित
पैसेंजर यात्री गाडी संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता हीराचंद भंडारी द्वारा लगातार देश के प्रधानमंत्री से लेकर रेल मंत्री और सांसद पीपी चौधरी कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ द्वारा इस रेल लाइन को स्वीकृत करवाने की मांग पर पाली सिरोही जालौर ऑनलाइन द्वारा एक महिना तक लगातार समाचार प्रकाशित कर अभियान चलाया लेकिन किसी ने रहमत तक नहीं की जिस से आज तक चुनावों में बड़े-बड़े भाषण देकर जनता से वोट लिए और घरातल पर केंद्र से लेकर राज्य में भाजपा की डबल इंजन की सरकार, फिर भी जनता के हाथ में झुनझुना महसूस करना पड़ रहा है।

