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खीमाराम मेवाडा
16 वषॅ पूर्व नगर पालिका द्वारा जलदाय विभाग के लिए निमिॅत कमरे ने खोली घटिया निर्माण की पोल
तखतगढ 14 जून (खीमाराम मेवाडा) तखतगढ नगर के नाग चौक के पास बायोसा मंदिर के समीप तालाब की पाल पर बना यह कमरा लगभग 15–16 वर्ष पूर्व नगरपालिका प्रशासन द्वारा निर्माण करवाया गया था। जिसका उपयोग पालिका एवं जलदाय विभाग के कार्यों में लिया जाता रहा था।
लेकिन अब इस कमरे को नगर पालिका द्वारा रविवार को जेसीबी मशीन की सहायता से गिराने पर कमरे की गिरी हुई छत ने उस समय हुए निर्माण कार्य की पोल खोलकर रख दी कि वास्तविकता सामने ला दी है। यदि उस दरम्यान निर्माण में वास्तव में लोहे के सरियों का उपयोग नहीं किया गया और केवल सीमेंट, कंक्रीट व बजरी से छत तैयार कर मात्र खाना पूर्ति ही कर दी गई, तो यह सामान्य लापरवाही नहीं बल्कि जनता के पैसों के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।
इस घटिया निर्माण मे सिफॅ और सिफॅ पत्थरों से बनी दीवारों में भी केवल बाहरी सतह पर सीमेंट का उपयोग दिखाई देना निर्माण गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करता है। आखिर उस समय गुणवत्ता जांच किसने की? भुगतान किस आधार पर हुआ? जिम्मेदार अधिकारी और संवेदक कहाँ थे।
आज छत गिराई गई। इससे पूर्व किसी कर्मचारी या आम नागरिक की जान भी जा सकती थी। गनीमत रही कि इस हादसे के समय कोई कार्मिक इसकी चपेट में नहीं आया, अन्यथा जिम्मेदारी कौन लेता। यदि यह निर्माण कार्य भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ा है, तो अब समय आ गया है। कि पूरे मामले की तकनीकी जांच हो, संबंधित फाइलें सार्वजनिक हों और जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा जाए। यह
जनता का पैसा था, कोई निजी तिजोरी नहीं — जवाबदेही जरूर तय होनी चाहिए।


