• Local News
  • सांडेराव बस स्टैंड पर विकास के नाम पर विनाश: मुख्य मार्ग का फुटपाथ टूटा, राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर, जिम्मेदार मौन
Pali Sirohi Online News by Pintu Agarwal
  • Local
  • Politics
No Result
View All Result
  • Local
  • Politics
No Result
View All Result
Pali Sirohi Online News by Pintu Agarwal
No Result
View All Result

सुमेरपुर तहसील अभावग्रस्त घोषित, अब सरकारी महकमों में अनावश्यक खर्च पर लगे रोक

Pintu Aggarwal by Pintu Aggarwal
October 27, 2026
in Local
0

PALI SIROHI ONLINE

खीमाराम मेवाडा

सुमेरपुर तहसील अभावग्रस्त घोषित, अब सरकारी महकमों में अनावश्यक खर्च पर लगे रोक

सूखे के संकट के बीच सरकारी खर्च में मितव्ययिता अपनाने और राहत कार्यों को प्राथमिकता देने की जरूरत

तखतगढ 27 अक्टूबर (खीमाराम मेवाडा) राजस्थान सरकार के आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा खरीफ फसल वर्ष 2026 में सूखे से प्रभावित क्षेत्रों को लेकर जारी अधिसूचना में सुमेरपुर तहसील को मध्यम सूखाग्रस्त तहसील की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह स्थिति क्षेत्र में वर्षा की कमी, फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव तथा किसानों के सामने उत्पन्न संकट की ओर ध्यान आकर्षित करती है।

ऐसे समय में सरकारी महकमों को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अनावश्यक खर्चों पर अंकुश लगाने की जरूरत है। सरकारी कार्यालयों में होने वाले गैर-जरूरी आयोजनों, अनावश्यक साज-सज्जा, अतिरिक्त वाहन उपयोग, फिजूलखर्ची तथा अन्य गैर-प्राथमिकता वाले कार्यों की समीक्षा कर सरकारी धन का उपयोग जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाने में किया जाना चाहिए।

किसानों और पशुपालकों को मिले प्राथमिकता

सूखे की स्थिति में किसानों को फसल खराबे का आकलन, नियमानुसार मुआवजा एवं राहत सहायता, पशुपालकों के लिए चारा-पानी की उपलब्धता, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति तथा जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

साथ ही, संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में जल संकट की स्थिति का आकलन कर पेयजल व्यवस्था सुचारु रखने तथा संभावित समस्याओं के समाधान के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

सरकारी धन का उपयोग जनहित में हो

अभावग्रस्त घोषित क्षेत्र में सरकारी विभागों को खर्चों की प्राथमिकता तय करते हुए अनावश्यक व्यय से बचना चाहिए। जहां खर्च में कटौती नियमानुसार संभव हो, वहां मितव्ययिता अपनाकर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग सूखा प्रभावित किसानों, पशुपालकों और आमजन को राहत पहुंचाने में किया जाना चाहिए।

अब जरूरत है कि प्रशासनिक अधिकारी स्थिति की गंभीरता को समझें और सरकारी संसाधनों का उपयोग दिखावे के बजाय जनहित, पेयजल, पशुचारे और किसानों को राहत देने जैसे आवश्यक कार्यों पर केंद्रित करें।

Previous Post

तखतगढ़ नगर पालिका मे स्टेपिंग पैटर्न अनुसार 116 स्वीकृत पदों में से 53 पद पर ही कार्मिक कार्यरत

Next Post

मतदान दल बूथों के लिए रवानाः कल जिला परिषद और पंचायत समिति के वार्डों में वोटिंग, 30 अक्टूबर को पंच-सरपंच चुनाव

Next Post

मतदान दल बूथों के लिए रवानाः कल जिला परिषद और पंचायत समिति के वार्डों में वोटिंग, 30 अक्टूबर को पंच-सरपंच चुनाव

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

You cannot copy content of this page