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खीमाराम मेवाडा
पाली-सुमेरपुर सदर थाना क्षेत्र में एक बिल्डर के साथ करीब 58.75 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार आरोपी पिता-पुत्र ने, जिन्हें फ्लैट और दुकानें बेचने के लिए कमीशन पर रखा गया था, बिल्डर की फर्म की असली रसीद बुक बनाकर ग्राहकों से राशि वसूल ली और उसे खुद हड़प गए। करीब डेढ़ साल तक चले टालमटोल और धमकी के बाद अब कोर्ट के इस्तगासे पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज किया है।
आदर्श कॉलोनी निवासी परिवादी आकाश गर्ग की रिपोर्ट के अनुसार उनकी नेचुरा कंस्ट्रक्शन फर्म का ऑफिस बाइपास रोड स्थित नीलकंठ कॉम्प्लेक्स में है। इसी कॉम्प्लेक्स में आरोपी रमेश कुमार माली की जय अम्बे ऑटो कंसल्टेंट भी थी। आकाश गर्ग ने पालड़ी में अपने मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत प्लान बनाकर आकाश गंगा प्रोजेक्ट के फ्लैट बेचने के लिए रमेश और उसके पुत्र कैलाश को बतौर एजेंट नियुक्त किया था। प्रति फ्लैट 9,500 रुपए कमीशन तय हुआ था, लेकिन उन्होंने ग्राहकों से मिली एडवांस राशि फर्म केबैंक खाते में जमा ही नहीं कराई। पुलिस ने अब इस मामले में मूलतया सिरोही के शिवगंज नया जोयला निवासी रमेश कुमार माली पुत्र नरसाजी और उसके पुत्र कैलाश कुमार माली के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के तहत केस दर्ज किया है। रजिस्ट्री शेष होने से उस समय नहीं की कार्रवाई एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने वर्ष 2018 से 2021 के बीच कुल 90 रसीदें काटीं। इसमें रमेश कुमार ने 44 रसीदों के जरिए 33.31 लाख और उसके बेटे कैलाश ने 46 रसीदों के जरिए 25.47 लाख रुपए नकद व चेक से वसूले थे। जनवरी 2025 में जब हिसाब हुआ तो गबन पकड़ में आया। परिवादी ने आरोप लगाया कि एजेंट पिता-पुत्र ने पहले तो राशि लौटाने के लिए समय मांगा, लेकिन मार्च 2025 में पैसे देने से साफ मना कर दिया और सुमेरपुर छोड़ने की धमकी दी। परिवादी के अनुसार वह इसलिए चुप रहा, क्योंकि कई ग्राहकों की रजिस्ट्री होनी शेष थी।


