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समाजसेविका श्रीमती शर्मिला टाक का बेंगलुरु में निधन, मारवाड़ सहित देशभर के टाक समाज में शोक की लहर
बेंगलुरु/मारवाड़। सोजत रोड/अखिल भारतीय क्षत्रिय टाक समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विजेंद्र कुमार टाक की धर्मपत्नी एवं मारवाड़ की प्रख्यात समाजसेविका श्रीमती शर्मिला टाक (पद्मावती) का 26 मई 2026 को बेंगलुरु में निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही मारवाड़, बेंगलुरु तथा देशभर के टाक समाज में शोक की लहर फैल गई। उनके निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
श्रीमती शर्मिला टाक ने समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई थी। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा के प्रसार, सामाजिक जागरूकता तथा जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए निरंतर कार्य किया। समाज को संगठित करने और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके सेवा कार्यों को समाज सदैव सम्मान और श्रद्धा के साथ याद करेगा। उनके निधन से समाज ने एक संवेदनशील, कर्मठ एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व को खो दिया है।
श्रीमती टाक का परिवार बेंगलुरु के प्रतिष्ठित व्यापारिक एवं सामाजिक परिवारों में गिना जाता है। हेसरघट्टा क्षेत्र में परिवार द्वारा संचालित एम एम एंड कंपनी, पद्मावती ज्वेलर्स तथा पद्मावती फ्लोरिंग सोल्यूशंस जैसे प्रतिष्ठान व्यापार जगत में अपनी अलग पहचान रखते हैं। उनके पति विजेंद्र कुमार टाक ने अखिल भारतीय क्षत्रिय टाक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक समाज सेवा की है।
श्रीमती शर्मिला टाक के निधन पर राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से समाज बंधुओं, सामाजिक संगठनों एवं पदाधिकारियों ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। समाज के अनेक वरिष्ठजनों ने उन्हें समाज की प्रेरणास्रोत एवं ममतामयी व्यक्तित्व बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार उनकी पुण्य स्मृति में 4 जून 2026 को रात्रि 8 बजे से भजन संध्या तथा 5 जून 2026 को प्रातःकाल हवन, कलश पूजन का आयोजन उनके बेंगलुरु स्थित निवास सिद्धि विनायक फार्म, मदुरे मेन रोड, हेसरघट्टा में किया जाएगा।
अपने पीछे वे पति विजेंद्र कुमार टाक, पुत्र नितिन टाक एवं लोहित टाक, पुत्रवधू विनीता एवं शिवानी, पुत्री पूजा, दामाद पंकज, पौत्र नित्यम एवं सात्विक, पौत्रियां प्रतिशिहा, जानवी एवं फलक तथा दौहित्र जय एवं कियांश सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। परिवारजनों एवं समाज बंधुओं ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। श्रीमती शर्मिला टाक का निधन केवल टाक समाज ही नहीं, बल्कि सामाजिक क्षेत्र के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। उनके सेवा, समर्पण और संस्कारों की विरासत सदैव समाज का मार्गदर्शन करती रहेगी।


