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सिरोही। सिरोही जिला मुख्यालय के सरकारी अस्पताल में नियुक्त नर्सिंग ऑफिसर और लैब टेक्नीशियन के पदों पर कार्यरत अस्थाई संविदा कर्मियों को बिना किसी पूर्व सूचना के हटाए जाने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया है। सभी प्रभावित कर्मचारी धरने पर बैठ गए हैं।
सिरोही मेडिकल कॉलेज के इन निविदा कार्मिकों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि नर्सिंग ऑफिसर और लैब टेक्नीशियन के पदों पर अस्थाई संविदा कर्मियों की नियुक्ति 11 नवंबर 2024, 2 दिसंबर 2024 और 1 फरवरी 2025 को की गई थी। ये नियुक्तियां राजकीय मेडिकल कॉलेज में सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से की गई थीं, जिसमें नर्स ग्रेड सेकंड और लैब टेक्नीशियन को अनुबंध पर सेवा उपलब्ध कराने के लिए पारिश्रमिक दिया जा रहा था।
कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें शुरुआत में प्रति माह 9,334 रुपए का न्यूनतम मजदूरी दर दिया जा रहा था। बाद में 3 जून को राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसाइटी, जयपुर के एक पत्र के माध्यम से यह दर बढ़ाकर 13,150 रुपए निर्धारित की गई, जो 25 जून से प्रभावी होनी थी।
4 महीने का वेतन भी नहीं दिया
संविदा कर्मियों का आरोप है कि जिन पदों पर उनकी नियुक्ति की गई थी और उनकी कार्य अवधि भी प्रारंभ हो चुकी थी, उन पर निविदा की शर्त के विपरीत उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। उनका कहना है कि यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के, गैर-विधिक तरीके से और श्रम अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण विपरीत जाकर की गई है। उन्होंने इसे भारतीय संविधान में प्रदत्त मूल अधिकारों और राज्य के नीति निर्देशक तत्वों का उल्लंघन भी बताया।
कर्मचारियों ने यह भी शिकायत की है कि उन्हें पिछले 4 महीने का वेतन भी नहीं दिया गया है।


