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रेवदर, सिरोही-रेवदर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्थापित पालना गृह में मंगलवार सुबह पहली बार एक नवजात बच्ची मिलने का मामला सामने आया। सुबह करीब 10.15 बजे पालना गृह का अलर्ट बजते ही अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचा और लाल रंग के कपड़े में लिपटी नवजात को तत्काल सुरक्षित अंदर लाया गया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार-नवजात का जन्म कुछ घंटे पहले ही हुआ था। ड्यूटी पर मौजूद डॉ. तेजाराम ने प्राथमिकजांच की, जिसमें बच्ची की सांस रुक-रुक कर चल रही थी। उसका वजन करीब 1.9 किलोग्राम पाया गया। स्थिति को देखते हुए नवजात को तत्काल चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया और बाद में बेहतर उपचार के लिए सिरोही जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अलर्ट बजते ही सक्रिय हुआ पूरा सिस्टम
पालना गृह में सेंसर आधारित अलर्ट प्रणाली लगी हुई है।
नवजात रखे जाने के कुछ ही क्षण बाद अलार्म बजा, जिसके बाद नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सक तुरंत मौके पर पहुंचे। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि पालना गृह का उद्देश्य उन नवजातों को सुरक्षित संरक्षण देना है, जिनकी देखभाल किसी कारणवश परिवार नहीं कर पा रहा हो।
बाल कल्याण समिति और पुलिस को सूचना
मामले की जानकारी बाल कल्याण समिति और पुलिस को दे दी गई है। नियमानुसार नवजात के संरक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण और आगे की देखरेख की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सीएचसी प्रभारी ने की अपील
सीएचसी प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार ने लोगों से भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि किसी परिवार के सामने ऐसी परिस्थिति हो कि वह नवजात की देखभाल नहीं कर पा रहा हो, तो बच्चे को असुरक्षित स्थान पर छोड़ने के बजाय पालनागृह में सुरक्षित तरीके से रखा जाए, ताकि उसकी जान बचाई जा सके और उसे आवश्यक चिकित्सा व संरक्षण मिल सके।
रेवदर में पालना गृह की स्थापना के बाद यह पहला मामला है, जब किसी नवजात को सुरक्षित रूप से वहां छोड़ा गया और अलर्ट प्रणाली के जरिए उसे तुरंत चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।

