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सिरोही-भारतीय परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रभाव को फिर से जगाने के लिए निकली लोकमंथन यात्रा रविवार को सिरोही पहुंची। सिरोही पहुंचने पर यात्रा में शामिल सदस्यों ने सबसे पहले सारणेश्वर शिव मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया।
इसके बाद लोकमंथन यात्रा ने सिरोही के ऐतिहासिकराजमहलों का दौरा किया। यहां उन्होंने गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को जाना। इसके बाद यात्रा आदर्श विद्या मंदिर पहुंची, जहां उसका स्वागत किया गया।
आदर्श विद्या मंदिर के सभागार में लोकमंथन यात्रा के तहत ‘हम भारत के लोग’ विषय पर कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने कार्यक्रम किए। इन कार्यक्रमों में देश और समय के हिसाब से जुड़े अलग-अलग सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को प्रस्तुतियों के जरिए अच्छे से बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान संस्कार भारती, संस्कृत भारती और लघु उद्योग भारती जैसे कई संगठनों ने अपनी गतिविधियों और सामाजिक कामों की जानकारी दी। संस्कार भारती ने कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इनमें सामाजिक जागरण और सनातन संस्कृति का संदेश साफ दिखा। इन प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद लोगों को भारतीय संस्कृति की पुरानी परंपराओं के बारे में बताया।इस मौके पर जोधपुर हाईकोर्ट के सहायक महाधिवक्ता बंशीलाल भाटी ने अपने विचार रखे। उन्होंने भारतीय संस्कृति, पुरानी परंपराओं और राष्ट्रभाव से जुड़े कई विषयों पर बात की। वहीं, लोकमंथन यात्रा के प्रांत संयोजक सत्यनारायण ने यात्रा के मकसद, उसकी शुरुआत और समाज में इसके जरिए हो रहे जनजागरण के बारे में पूरी जानकारी दी।
लोकमंथन यात्रा में कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
कार्यक्रम के आखिर में भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभाव के आधार पर नए निर्माण का संकल्प लिया गया। वहां मौजूद लोगों ने लोकमंथन यात्रा के मकसद को समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने और जनजागरण के इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इसके साथ ही कार्यक्रम खत्म हुआ।

