गोवंश हत्या मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली संदिग्धः लोढ़ाः सदबुद्धि यज्ञ आयोजित, आरोपियों को पकड़ने के बजाय गोसेवकों कर रहे पाबंद
PALI SIROHI ONLINE
सिरोही-शिवगंज में गाय के बछड़े की हत्या के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन गोवंश हत्यारों को पकड़ने में विफल रहा है।
लोढ़ा ने दावा किया कि कलेक्टर और एसपी पर थानों से बंदी का आरोप लगाने वाले संदिग्ध आचरण के लोगों के साथ 7 तारीख को दिन में जागनाथ महादेव मंदिर में एक गुप्त बैठक की गई थी। इस बैठक ने जनता के मन में कई संदेह पैदा कर दिए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ अधिकारियों का अपनी पोस्टिंग के लिए भाजपा-आरएसएस के लोगों के सामने गिड़गिड़ाना और 7 तारीख की रात को हुई आमसभा में इन कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस की भूमिका पर कोई सवाल न उठाना, बल्कि पूरी कार्रवाई की दिशा प्रशासनिक अधिकारियों की ओर मोड़ना, यह दर्शाता है कि पुलिस और भाजपा-आरएसएस के लोगों के बीच कोई सांठगांठ हुई है।
लोढ़ा शिवगंज के गांधी चौक में ‘पुलिस सदबुद्धि यज्ञ’ के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस और प्रशासन ने अपनी कार्यप्रणाली को जनहित की ओर समर्पित नहीं किया, तो आने वाले समय में एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।इस अवसर पर गौरक्षक मंगल मीणा ने कहा कि प्रशासन गौहत्या के आरोपियों को पकड़ने के बजाय गोसेवकों को ही पाबंद करने के नोटिस दे रहा है, जिसे जनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
नगर अध्यक्ष डॉ. हनवंत सिंह मेड़तिया ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और न्याय की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और सनातन सभ्यता की प्रतीक हैं और शिवगंज की घटना ने पूरे क्षेत्र की आत्मा को झकझोर दिया है।
सभा को संबोधित करते हुए मोहनलाल सिरवी ने आशंका व्यक्त की कि पुलिस को गौहत्यारों के नाम पता होने के बावजूद किसी दबाव के चलते कार्रवाई नहीं की जा रही है।
