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सायला-ओटवाला नदी क्षेत्र में बबूल के पेड़ पर फंदे से लटके मिले महेंद्र मेघवाल की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर शुक्रवार को लेकर राजकीय अस्पताल की मोर्चरी के बाहर सुबह से ही परिजन और समाज के लोग धरने पर बैठ गए। उन्होंने पोस्टमार्टम से पहले मृतक का शव दिखाने, फिर मोबाइल की तकनीकी जांच, कॉल डिटेल्स व लोकेशन की जांच और निष्पक्ष अनुसंधान की मांग की।गुरुवार को सायला उपखंड के ओटवाला नदी क्षेत्र में बबूल के पेड़ पर महेंद्र मेघवाल का शव फंदे से लटका मिला था।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शाम करीब साढ़े चार बजे शव को नीचे उतरवाकर राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। उसी समय परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने साफ कहा कि जब तक मांगों पर संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलेगा, शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। डिप्टी गौतम जैन भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से वार्ता की। काफी देर चली समझाइश के बाद पुलिस ने परिजनों को शव दिखाने पर सहमति जताई।
इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। धरने के दौरान परिजन और समाज के लोगों ने मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल्स, लोकेशन हिस्ट्री और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच कराने की मांग दोहराई। साथ ही दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की भी मांग की। परिजनों का आरोप है कि गुरुवार शाम पुलिस ने बीएनएस की धाराओं का हवाला देकर उन्हें शव नहीं देखने दिया।
उनका कहना है कि यदि उसी समय शव दिखा दिया जाता और तकनीकी जांच का भरोसा दिया जाता तो शुक्रवार को विरोध की नौबत नहीं आती। प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों और समाज के प्रतिनिधियों से लगातार वार्ता कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रक्रिया पूरीकराई। परिजनों का आरोप है कि शव देखने पर शरीर के कई हिस्सों पर खून के धब्बे और चोट जैसे निशान दिखाई दिए। उनका कहना है कि युवक के साथ पहले मारपीट की गई और बाद में उसे फंदे पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया।

