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महावीर मेवाडा
सांडेराव व देवतरा में उमड़ा जनसैलाब, बिरामी और सिंदरू में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न
सांडेराव में सरपंच पद के लिए 26 उम्मीदवार मैदान में होने से मतदाता रहे असमंजस में, देवतरा में लंबी कतारें देखकर लौटे लोग
विशेष संवाददाता, महावीर नटवरलालजी मेवाड़ा सांडेराव
पंचायती राज चुनाव के तहत क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान की प्रक्रिया संपन्न हो गई। चुनाव को लेकर सुबह से ही ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। जहाँ कुछ पंचायतों में मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रहा, वहीं कुछ केंद्रों पर भारी भीड़ और लंबी कतारों के कारण मतदाताओं को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
बिरामी और सिंदरू में उत्सव सा माहौल, बुजुर्गों ने भी दिखाया दम
ग्राम पंचायत बिरामी में चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ। यहाँ सुबह से ही पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की रौनक दिखाई दी। इस बार चुनाव में सबसे सुखद तस्वीर यह रही कि युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग मतदाताओं ने भी बढ़-चढ़कर और पूरे उत्साह के साथ मतदान में भाग लिया। पहली बार वोट कर रहे युवाओं में जहाँ स्थानीय विकास को लेकर जोश दिखा, वहीं लाठी के सहारे पहुँचे बुजुर्गों ने भी लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी आहुति दी। इसी तरह, सिंदूर ग्राम पंचायत में भी मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, जहाँ ग्रामीणों ने संयम के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
सांडेराव में 26 उम्मीदवारों ने बढ़ाई उलझन, धीमी हुई वोटिंग की रफ्तार
सांडेराव ग्राम पंचायत में इस बार सरपंच पद का मुकाबला बेहद रोचक रहा। यहाँ सरपंच पद के लिए रिकॉर्ड 26 उम्मीदवार मैदान में भाग्य आजमाने उतरे। चुनावी मैदान में प्रत्याशियों की इतनी बड़ी फौज होने के कारण मतपत्र और ईवीएम सूची काफी लंबी हो गई। पोलिंग बूथ के अंदर मतदाताओं को अपने पसंदीदा प्रत्याशी का नाम और आवंटित चुनाव चिह्न ढूंढने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक-एक मतदाता द्वारा नाम खोजने में अधिक समय लेने के कारण मतदान की रफ्तार बेहद धीमी हो गई, जिसके चलते केंद्रों पर दिनभर भारी भीड़ जमा रही।
देवतरा में लंबी लाइनें देखकर बिना वोट दिए लौटे कई मतदाता
दूसरी ओर, देवतरा ग्राम पंचायत के मतदान केंद्रों पर भी सुबह से ही मतदाताओं की बेहद लंबी कतारें देखने को मिलीं। यहाँ मतदान प्रक्रिया धीमी गति से चलने और बुनियादी प्रबंधों की कमी के कारण कतारें लगातार बढ़ती गईं। दोपहर की तेज धूप के बीच घंटों इंतजार करने के बाद, अव्यवस्था और लंबी लाइनों से परेशान होकर कई मतदाता बिना वोट डाले ही निराश होकर अपने घरों को लौट गए।
क्षेत्र की सभी पंचायतों में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब उम्मीदवारों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो चुका है और सभी की नजरें देर रात आने वाले चुनावी नतीजों पर टिकी हुई हैं।





