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पाली-गुजरात से परिवार के साथ रामदेवरा दर्शन के लिए निकले एक जातरू की पाली जिले में करंट लगने से मौत हो गई।
हादसा कीरवा के पास एक पेट्रोल पंप पर हुआ, जहां 63 साल के विनू भाई पानी पीने और टॉयलेट के लिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि पानी भरे स्थान पर करंट फैलने से वे गिर पड़े और तड़पने लगे। उन्हें बचाने पहुंचे बेटे को भी करंट के झटके लगे। बाद में उन्हें इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।मेहसाणा से रामदेवरा के लिए निकला था परिवार
जानकारी के अनुसार गुजरात के मेहसाणा जिले के तालुका सतलसणा क्षेत्र निवासी 63 साल के विनू भाई पुत्र माणक भाई बुधवार सुबह करीब छह बजे अपनी पत्नी, तीन बेटियों, दो बेटों और जवाई के साथ टेम्पो ट्रेवलर से रामदेवरा दर्शन के लिए रवाना हुए थे।
सीएनजी भरवाने के दौरान हुआ हादसा
पाली जिले के कीरवा क्षेत्र के पास परिवार ने गाड़ी में सीएनजी भरवाने के लिए एक पेट्रोल पंप पर वाहन रोका। इसी दौरान विनू भाई टॉयलेट जाने और पानी पीने के लिए वहां गए थे। परिजनों के अनुसार वहां पानी भरा हुआ था और उसी दौरान वे नीचे गिरकर तड़पने लगे।बचाने पहुंचे बेटे को भी लगे झटके
मृतक के बेटे शेनमा ने बताया कि पिता को गिरता देख वह उन्हें बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन उसे भी करंट के झटके लगे। परिजनों का आरोप है कि बाद में पेट्रोल पंप संचालक ने बिजली सप्लाई बंद करवाई, जिसके बाद परिवार के लोग और अन्य लोग उन्हें वहां से उठाकर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।
बांगड़ हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
परिजन विनू भाई को तुरंत पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की बॉडी हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी में रखवाई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।बेटे ने कहा- पापा की इच्छा थी रामदेवरा जाना
मृतक के बेटे शेनमा ने बताया कि उनके पिता की इच्छा थी कि एक बार रामदेवरा के दर्शन करके आएं। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए पूरा परिवार साथ में यात्रा पर निकला था।
उन्होंने बताया कि परिवार ने कुछ महीने पहले ही यह गाड़ी खरीदी थी। बेटे ने कहा कि अगर उन्हें इस हादसे का अंदाजा होता तो वे कभी इस यात्रा पर नहीं निकलते।
हॉस्पिटल में रो पड़ी पत्नी और बेटियां
विनू भाई की मौत की खबर मिलते ही उनकी पत्नी और तीनों बेटियां हॉस्पिटल में ही रोने लगीं। वहां मौजूद अन्य महिलाओं और होमगार्ड जवानों ने उन्हें संभाला और ढांढस बंधाया।

