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हनुमान सिंह राव
पाली। अरावली की दुर्गम पहाडीयो मे बसे बाली तहसील की सिमांकन और उदयपुर जिले के मेवाडो के मठ गाँव के निकट बसे तिलकेश्वर महादेव मंदीर में श्रावण के सोमवार को श्रृदालुओ का ताता लगा रहा है
अरावली के बिहड मे आम आदमी जाने को कतराता है लेकिन तिलकेश्वर महादेव मंदीर के झरने और पाताललोक की तरह मंदीर के गर्भ गृह तक पहुँच ने की यात्रा श्रृदालुओ को आकर्षित करने से कोई नहीं रोक सकता यहा अनवरत बहते झरने और श्रावण के महिने में हरिभरी वादीया कश्मीर की याद दिलाती है पाली जिले के भीमाणा गाँव से करिब 20 किमी दुरी पर स्थित एकान्त और मनोहारी स्थल तिलकेश्वर महादेव मंदीर पर शिव भक्तों का ताता लगा रहा है स्थानिय लोगों से बात चित करने पर बताया कि शाम पांच बजे के बाद दर्शनार्थियों की आवाजावी बंद हो जाती हैं
मंदीर के अन्दर जाने के लिए प्राकृतिक पत्थर की बनी सीडीओ और लोहे की जंजीर को पकड़ कर उतरना पड़ता है मंदीर में शिवजी की प्रतिमा और लिगाकार के दर्शन करने के लिए आत्म विश्वास और हिम्मत की जरूरत पड़ती है कहीं यात्री मंदीर के उपरी भाग तक आकर वही से अपने आराध्य नतमस्तक होकर लौट जाते हैं लेकिन आत्म विश्वास और हिम्मत से दर्शन करने की अभिलाषी व्यक्ति अवश्य भगवान् तिलकेश्वर महादेव के दर्शन करते हैं मंदीर के गर्भ गृह का नजारा अत्यंत मनोहारी और रोमांचक नजर आता है शितल वातावरण मे बहता झरना और जल प्रवाह से अनवरत जलाभिषेक होते शिव शंभु तिलकेश्वर महादेव के दर्शन कर भक्त आनंदित होते हैं यहाँ गुजरात उदयपुर पाली सिरोही जालोर जोधपुर और बिकानेर से आये दर्शनार्थियों से बातचीत करने पर बताया कि सोसल मिडिया और समाचार पत्र के माध्यम से इस मंदीर की जानकारी मिली और हम यहाँ तक पहुँचे।





