
PALI SIROHI ONLINE
पाली-जिले की सीमा पर स्थित देवाण हर घर जल योजना के दावों की सच्चाई उजागर हो रही है। सरकार देशभर में हर घर नल से जल पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं यहां 5 साल से पीने के पानी की एक-एक बूंद के लिए लोग तरस रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में 5 साल पहले नल तो लगा दिए, लेकिन पानी कभी नहीं आया। आता भी है तो रात के अंधेरे में, और वो सिर्फ 20 से 30 मिनट। इतने कम समय में पूरे परिवार की पानी की ज़रूरतें पूरी करना संभव नहीं। इस समस्या से जूझते ग्रामीणों को मजबूरन निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिसकी कीमत 1000 से 1500 रुपए है। पानी की किल्लत के कारण गांव की महिलाएं हर शाम 4 बजे से मटके और बर्तन लेकर गांव के तालाब की ओर निकल पड़ती है। तालाब ही उनका सहारा है, लेकिन यहां पानी साफ नहीं है।
चुनाव में वादे बड़े नेताओं ने वोट लिए पर गांव की सुध नहीं ली : ग्रामीणों का कहना है चुनाव के वक्त हर घर पानी लाएंगे जैसे नारे दिए थे। चुनाव खत्म होते ही किसी ने गांव की सुध नहीं ली। इस साल मानसून के दौरान जिले में 25 से ज़्यादा बांध ओवरफ्लो थे और लाखों लीटर पानी ही बह गया। दूसरी तरफ़ गांव के लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं।


