PALI SIROHI ONLINE
पाली-पाली में पुरानी रंजिश को लेकर दो परिवारों में हुए विवाद में फायरिंग से 52 साल के विरेन्द्रसिंह की मौत के बाद परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। शनिवार को शव बांगड़ हॉस्पिटल की मॉच्र्युरी में रखा है और परिजनों ने गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया है। पुलिस अधिकारी परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने में जुटे हैं। घटना शुक्रवार को जेतपुर थाना क्षेत्र के सियाणा गांव में हुई थी।मजदूरों को लेकर तारबंदी के लिए जा रहे थे विरेन्द्रसिंह
पाली जिले के जेतपुर थाना क्षेत्र के सियाणा गांव में शुक्रवार (21 अगस्त) को पुरानी रंजिश को लेकर दो परिवारों में विवाद हो गया। विरेन्द्रसिंह मजदूरों को लेकर तारबंदी करवाने जा रहे थे। इसी दौरान रिश्ते के भाइयों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले टक्कर मारकर उनके ट्रैक्टर को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद फायरिंग कर दी।
फायरिंग में सियाणा (जेतपुर) गांव निवासी 52 साल के विरेन्द्रसिंह पुत्र अभयसिंह के सीने में गोली लगी। गोली लगने के बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।
दोनों पक्षों के 7 लोग घायल, दो का हॉस्पिटल में इलाज जारी
फायरिंग की घटना में दोनों पक्षों के कुल सात लोग घायल हुए। घायलों में शैतानसिंह (80) पुत्र गजेसिंह, रतिदेवसिंह (46) पुत्र शैतानसिंह, मरडिया गांव निवासी मजदूर भरत उर्फ भगाराम (25) पुत्र भंवरराम भील, सूरजभान सिंह पुत्र शैतानसिंह और लक्षिता कंवर पुत्री रतिदेवसिंह शामिल हैं। इनमें रतिदेवसिंह और भगाराम को इलाज के लिए बांगड़ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। दोनों का उपचार जारी है।मॉर्च्यूरी के बाहर जुटे परिजन और पुलिस
शनिवार को विरेन्द्रसिंह का शव बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी में रखा हुआ है। सुबह से मॉर्च्यूरी के बाहर पुलिसकर्मी, मृतक के परिजन और परिचित मौजूद हैं। मृतक के परिजनों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही वे शव लेंगे। पुलिस अधिकारी मॉर्च्यूरी के बाहर परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
गिरफ्तारी तक शव लेने से इनकार, पुलिस कर रही समझाइश
मृतक के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। शनिवार को भी पुलिस अधिकारी परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने में जुटे हैं। फिलहाल विरेन्द्रसिंह का शव बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी में रखा हुआ है और परिजन गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं।

